गोकुल नगर के कनौसी बस्ती में भव्य ‘हिंदू सम्मेलन’ आयोजित, हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब

A grand 'Hindu conference' was held in the Kanusi locality of Gokul Nagar, drawing a massive crowd of thousands.
 
गोकुल नगर के कनौसी बस्ती में भव्य ‘हिंदू सम्मेलन’ आयोजित, हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय)।  गोकुल नगर स्थित कनौसी बस्ती के ओंकार लॉन, संगम विहार में आज एक भव्य और उत्साहपूर्ण ‘हिंदू सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे।

सम्मेलन की विशेष आकर्षण तहरी भोज रहा, जिसमें लगभग 1300 से 1400 लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण बना।

प्रमुख अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (अवध प्रांत) के प्रांत बाल विद्यार्थी कार्य प्रमुख आदरणीय आशुतोष जी ‘भाई साहब’ रहे। उन्होंने समाज में एकता, संगठन और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में पंचायती निरंजनी अखाड़ा एवं शिवशक्ति अखाड़ा के संस्थापक महंत श्री मधुराम शरण शिवा जी महाराज ने आशीर्वचन प्रदान किए। वहीं, अग्रवाल साइकिल्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक श्री संदीप अग्रवाल जी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

आयोजन समिति का सराहनीय योगदान

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सौरभ श्रीवास्तव जी ने की। आयोजन समिति के संयोजक श्री ज्ञानेंद्र यादव जी, सह-संयोजक श्री रणधीर सिंह जी, कोषाध्यक्ष श्री प्रवीण प्रताप सिंह जी ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभाला। मातृशक्ति की ओर से डॉ. अर्चना गुप्ता जी एवं श्रीमती सत्या सिंह जी ने सह-संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समाज की व्यापक सहभागिता

सम्मेलन की सफलता में समिति के सदस्यों अशोक तिरखा, आनंद सिंह, आयुष सिंह, डॉ. धर्मेंद्र यादव, मुकेश कुमार, लक्ष्मीचंद मौर्य, अमरजीत, नरेंद्र बहादुर सिंह, विनोद यादव, सुनील मौर्य, दिलीप केसरवानी, आशीष गुप्ता, कृष्ण कुमार मिश्रा और मंगलेश सिंह सहित अनेक कार्यकर्ताओं का सक्रिय योगदान रहा। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से यह सम्मेलन एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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