नगर पालिका में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक संपन्न, बच्चों की सुरक्षा और विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

Meeting of Child Welfare and Protection Committee concluded in the Municipal Corporation, detailed discussion took place on the safety and development of children.
 
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बलरामपुर। आदर्श नगर पालिका परिषद में मिशन वात्सल्य – बाल संरक्षण सेवाएं योजना के अंतर्गत गठित ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में नगर क्षेत्र के बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण और सर्वांगीण विकास से जुड़े प्रमुख विषयों की समीक्षा की गई।

बैठक में बाल श्रम, बाल शोषण, बाल तस्करी और ट्रैफिकिंग जैसी गंभीर समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि यदि किसी भी प्रकार का शोषण या अमानवीय व्यवहार सामने आए तो तत्काल कार्रवाई की जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएं।

नवीन एवं प्रवासी बच्चों की स्थिति पर विशेष ध्यान

समिति ने क्षेत्र में आने वाले प्रवासी बच्चों और बाहर जाने वाले बच्चों की अद्यतन जानकारी संकलित करने, तथा अपराध से जुड़े बच्चों की सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई और विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) को उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद पर सहमति

बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे परिवार, जो आर्थिक तंगी के कारण बच्चों का सही देखभाल नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर रोजगारपरक योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि उनके बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
इसके साथ ही शिक्षा से वंचित बच्चों को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी सहमति बनी।

बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर समीक्षा

सभी बच्चों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य परीक्षण कराने और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे पोषाहार की गुणवत्ता की नियमित निगरानी पर बल दिया गया।

लावारिस नवजात शिशुओं को लेकर निर्देश

समिति ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्थान पर लावारिस नवजात शिशु मिले, तो तुरंत पुलिस, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, जिला बाल संरक्षण इकाई और 112/1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित किया जाए तथा बच्चे को सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री बाल सेवा व कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत ऐसे बच्चों की पहचान पर चर्चा हुई, जिन्होंने 1 मार्च 2020 के बाद अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों को कोविड-19 से इतर कारणों से खो दिया है।
साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र बालिकाओं के चिन्हांकन और छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

अध्यक्ष का वक्तव्य

अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने कहा—
“नगर पालिका क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। बाल शोषण, बाल श्रम और तस्करी पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कोई बच्चा अधिकारों से वंचित न रहे।”

संरक्षण अधिकारी का बयान

संरक्षण अधिकारी शिवम गुप्ता ने बताया—
“मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों के कल्याण के लिए व्यापक प्रावधान उपलब्ध हैं। हमारा प्रयास है कि जोखिमग्रस्त बच्चों तक सभी सुविधाएँ समय पर पहुंचे। बाल विवाह, बाल श्रम और तस्करी के मामलों को रोकने के लिए जागरूकता और त्वरित हस्तक्षेप आवश्यक है।”

बैठक में अधिशासी अधिकारी लालचंद, अध्यक्ष प्रतिनिधि डी.पी. सिंह बैस, विशाल गुप्ता (जिला मिशन कोऑर्डिनेटर, महिला एवं बाल विकास), सभासद राघवेंद्र कान सिंह मंटू, राजेश कश्यप, नंदलाल तिवारी, मनोज कुमार चौरसिया, विनोद गिरी, अक्षय शुक्ला, तथा नगर पालिका के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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