लखनऊ में सजी 'आस' की साहित्यिक महफिल; कवियों और शायरों ने बिखेरे रचनाओं के रंग
वरिष्ठ शायर 'होश' की अध्यक्षता में संपन्न हुई गोष्ठी
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध शायर श्री भूपेंद्र सिंह 'होश' ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में श्री निर्भय नारायण गुप्ता उपस्थित रहे। साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता और विशिष्ट योगदान के लिए श्री अहमद जमाल को इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
डिजिटल हुई संस्था: 'आस' ऑनलाइन ऐप का शुभारंभ
साहित्य को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए संस्था ने अपनी 'ऑनलाइन ऐप' का भी विमोचन किया। यह ऐप नई प्रतिभाओं के मार्गदर्शन और सदस्यों को विभिन्न साहित्यिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लॉन्च की गई है।
काव्य पाठ और गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का कुशल संयोजन जनरल सेक्रेटरी श्री अम्बरीष ठाकुर ने किया और संचालन श्रीमती रेणु द्विवेदी ने संभाला। महफिल की शुरुआत राजीव वर्मा 'वत्सल' की सरस्वती वंदना से हुई। इसके पश्चात:
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दिव्या शुक्ला, श्वेता मनस्वी, रविकांत पांडे और सुभाष चंद्र रसिया ने अपनी रचनाओं से वाहवाही लूटी।
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रश्मि सिन्हा, नेहा सक्सेना, अजय वर्मा 'साथी', प्रखर तिवारी, नीतू सिंह, डॉ. संदीप शर्मा और डॉ. आलोक सिंह ने भी समसामयिक विषयों पर उत्कृष्ट काव्य पाठ किया।
इस अवसर पर श्री अनुज अब्र, श्री सर्वेश त्रिपाठी, श्री कुलदीप कलश, श्री योगेश योगी, श्री योगेंद्र योगी और श्री ओम मिश्रा जैसे विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
आगामी योजनाओं पर चर्चा
संयोजक अम्बरीष ठाकुर ने भविष्य की सांस्कृतिक योजनाओं की रूपरेखा साझा की। अंत में संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. मनोज सिंह ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। 'आस' परिवार ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य जारी रहेगा।
