स्टडी हॉल DOSTI की छात्रा आस्था राय को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्य स्तरीय प्रेरणा स्त्रोत सम्मान
Aastha Rai, a student of Study Hall DOSTI, was awarded the State Level Inspirational Source Award by Chief Minister Yogi Adityanath.
Wed, 3 Dec 2025
लखनऊ: स्टडी हॉल DOSTI की प्रतिभाशाली छात्रा आस्था राय को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त राज्य स्तरीय प्रेरणा स्त्रोत सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं यह सम्मान प्रदान किया। यह उपलब्धि न केवल आस्था के साहस और सतत प्रयास का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समावेशी शिक्षा के सिद्धांत पर चलने वाला स्कूल किस तरह बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

आस्था की शिक्षा की शुरुआत चुनौतीपूर्ण समय में हुई, जब महामारी के दौरान ऑनलाइन क्लासें संचालित हो रही थीं। आज़मगढ़ में रहते हुए ऑनलाइन माध्यम से पढ़ना उनके लिए आसान नहीं था—जैसा कि देशभर के कई विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों के साथ हुआ। इसी कठिन दौर में DOSTI की शिक्षकों की टीम ने सच्चे अर्थों में समावेशी शिक्षा का परिचय दिया। उन्होंने अपनी विधियाँ बच्चों की ज़रूरतों के अनुरूप बदलीं, नए शिक्षण प्रयोग किए और हर छात्र को धैर्य और समर्थन के साथ जोड़े रखा।
धीरे-धीरे आस्था में उल्लेखनीय परिवर्तन दिखाई देने लगा। उनकी माँ ने यह बदलाव इतनी स्पष्टता से महसूस किया कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया—आज़मगढ़ से लखनऊ स्थानांतरित होकर आस्था को DOSTI में ही शिक्षा जारी रखने का अवसर दिया। यह निर्णय आस्था की प्रगति का आधार बन गया। DOSTI में उन्हें ऐसा शैक्षणिक वातावरण मिला जहाँ बच्चों की विशेषताओं को प्राथमिकता दी जाती है, कमियों को नहीं। स्पेशल एजुकेटर्स, खेल प्रशिक्षकों और को-करिकुलर टीम ने मिलकर आस्था के लिए एक सुदृढ़ दिनचर्या तैयार की, जिससे उनकी क्षमताओं को निखरने का पूरा अवसर मिला।
जो विषय पहले कठिन लगते थे, अब उनकी प्रगति का आधार बनने लगे। खेल और नृत्य, जिनसे वह कभी हिचकिचाती थीं, उनकी ताकत बन गए। नेशनल यूथ लीडरशिप समिट 2025 के लिए उत्तर प्रदेश ज़ोन से उनका चयन इस बात का सबूत है कि सही मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर बच्चे असंभव को भी संभव कर दिखाते हैं।
DOSTI, स्टडी हॉल एजुकेशनल फ़ाउंडेशन का विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए प्रोग्राम, दो दशक पहले तब शुरू हुआ था जब उत्तर प्रदेश में इस तरह की सुविधाएँ बेहद सीमित थीं। आज DOSTI एक सफल मॉडल बन चुका है—जहाँ माता-पिता की सक्रिय भागीदारी, केयरगिवर्स को समर्थन, व्यावसायिक प्रशिक्षण, मुख्यधारा की कक्षाओं में सहभागिता और समावेशी सीखने की संस्कृति इसका मूल आधार हैं।
सम्मान, समानता और समावेशिता पर आधारित यह वातावरण न केवल शैक्षणिक, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन चुका है। आस्था इसी बदलाव का प्रेरक उदाहरण हैं।
