बिग बी संग डेब्यू फिर भी 4 साल तक काम को भटके अभिमन्यु सिंह, छलका दर्द- 'फ्लॉप फिल्म के बाद टीवी वालों ने भी दुत्कारा'
Bollywood Actor Abhimanyu Singh Interview: फिल्मी दुनिया में महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के साथ स्क्रीन शेयर करना हर नए कलाकार का सपना होता है। लोग मानते हैं कि अगर पहली ही फिल्म बिग बी के साथ मिल जाए, तो किस्मत के बंद दरवाजे खुल जाते हैं। लेकिन इंडस्ट्री का एक कड़वा सच यह भी है कि यहाँ बिना 'गॉडफादर' के हुनरमंद होने के बावजूद पैर जमाना लोहे के चने चबाने जैसा है।
ऐसा ही कुछ हुआ दमदार अभिनय के लिए मशहूर अभिनेता अभिमन्यु सिंह के साथ। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ही अमिताभ बच्चन की फिल्म से की थी, लेकिन इसके बाद भी उन्हें काम के लिए दर-दर भटकना पड़ा। हाल ही में एक इंटरव्यू में अभिमन्यु का दर्द छलका और उन्होंने अपने उस मुश्किल दौर की दास्तान बयां की।
थियेटर से सीधे अमिताभ बच्चन की 'अक्स' में एंट्री, पर किस्मत ने नहीं दिया साथ
अभिमन्यु सिंह ने 'हिंदी रश' को दिए इंटरव्यू में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में उनका कोई फिल्मी बैकग्राउंड या गॉडफादर नहीं था। वह शुरुआती दिनों में थियेटर (रंगमंच) किया करते थे। अभिमन्यु का एक नाटक देखने के बाद दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी उनसे बेहद प्रभावित हुए। मनोज बाजपेयी ने ही निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा को एक फिल्म के लिए अभिमन्यु का नाम सुझाया। इसके बाद अभिमन्यु का स्क्रीन टेस्ट हुआ और उन्हें साल 2001 में आई फिल्म 'अक्स' के लिए चुन लिया गया। पहली ही फिल्म में सामने अमिताभ बच्चन जैसा सुपरस्टार था। अभिमन्यु को लगा था कि इस मेगा प्रोजेक्ट के बाद उनका करियर ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; बेहतरीन अभिनय और बड़े स्टार्स के होने के बावजूद 'अक्स' बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई।
'फ्लॉप' का ऐसा ठप्पा कि टीवी सीरियल्स ने भी फेरा मुंह
अभिमन्यु ने बताया कि पहली फिल्म फ्लॉप होने का खामियाजा उन्हें बेहद दर्दनाक तरीके से भुगतना पड़ा लोगों को लगता है कि अमिताभ जी के साथ काम करने के बाद मेरे पास फिल्मों की लाइन लग गई होगी। लेकिन सच यह है कि फिल्म फ्लॉप होते ही मेकर्स ने मुझसे दूरी बना ली। आलम यह था कि छोटे पर्दे (टीवी सीरियल्स) के मेकर्स भी मुझे अपने शोज में कास्ट करने को तैयार नहीं थे। फिल्म इंडस्ट्री में आपकी एक्टिंग चाहे कितनी भी शानदार क्यों न हो, अगर फिल्म फ्लॉप है तो आपकी मेहनत को कोई नहीं गिनता।"
4 साल का लंबा सूखा और फिर 'लक्ष्य' से वापसी
अभिमन्यु ने अपने संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि 'अक्स' के बाद उन्हें पूरे चार साल तक फिल्म इंडस्ट्री में कोई काम नहीं मिला। यह उनके जीवन का सबसे कठिन और अंधकारमय दौर था। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी। चार साल के लंबे इंतजार के बाद उन्हें ऋतिक रोशन स्टारर फिल्म 'लक्ष्य' (2004) मिली, जिसने उनके करियर को दोबारा सांस दी। इसके बाद उन्होंने 'गुलाल' और 'राम-लीला' जैसी कई फिल्मों में विलेन और सपोर्टिंग कैरेक्टर निभाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई। वर्क फ्रंट की बात करें तो अभिमन्यु सिंह जल्द ही सनी देओल और प्रीति जिंटा स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म 'बटवारा 1947' (पूर्व नाम: लाहौर 1947) में एक बेहद महत्वपूर्ण और दमदार भूमिका में नजर आने वाले हैं।
