अभिनव भारत पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में चुनावी घोषणा, वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग दोहराई
लखनऊ। क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि के अवसर पर आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित अभिनव भारत पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में आगामी वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की गई।
पार्टी के सर्वसम्मति से निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष चेतन शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार वीर सावरकर को भारत रत्न देने के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सावरकर ने युवावस्था में अभिनव भारत संगठन की स्थापना कर पराधीन भारत में क्रांति की अलख जगाई और अंडमान की सेल्युलर जेल में अमानवीय यातनाएं सहीं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मोहन भागवत भी सावरकर के योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न दिए जाने की वकालत कर चुके हैं। श्री शर्मा के अनुसार, पार्टी ने पिछले वर्ष “सावरकर सम्मान यात्रा” निकालकर देश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रपति के नाम लगभग 800 ज्ञापन सौंपे थे, किंतु अभी तक इस दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेगी।
अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के संबंध में श्री शर्मा ने कहा कि देश में गाय को ‘माता’ का दर्जा देने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए, जिससे उसके संरक्षण के लिए ठोस कानूनी प्रावधान सुनिश्चित हो सकें।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि अभिनव भारत पार्टी लगभग 300 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है और शीघ्र ही अपनी अंतिम चुनावी रणनीति की घोषणा करेगी।
इससे पूर्व अधिवेशन का शुभारंभ भारत माता की स्तुति और वंदे भारत गीत के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में मालेगांव प्रकरण में बरी हुए रमेश उपाध्याय, मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री कम्प्यूटर बाबा, पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री ममता झा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीलेन्द्र गौतम, श्रीमती चित्रा दलाल, स्वरूपानंद महाराज के शिष्य त्रिभुवन दास, कार्तिक गिरी, सर्वेश मिश्रा तथा महामंडलेश्वर अमरेशानंद गिरी सहित देशभर से आए पार्टी कार्यकर्ता एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
