खेत की पैमाइश कराने के नाम पर खुलेआम रिश्वत लेने का आरोप
वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पीड़ित किसान से 500-500 रुपये के आठ नोट, कुल 4000 रुपये, रिश्वत के रूप में लिए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आमगांव ब्लॉक निवासी किसान श्री धनश्यान गौतम अपने खेत की वैधानिक पैमाइश कराने हेतु लंबे समय से तहसील के चक्कर लगा रहे थे तथा उन्होंने कई बार तहसील दिवस में लिखित शिकायत भी प्रस्तुत की थी। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय संबंधित राजस्व कर्मियों द्वारा अवैध धनराशि की मांग की गई।
यह प्रकरण न केवल भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण है, बल्कि किसानों एवं गरीब नागरिकों के संवैधानिक अधिक्नरों का खुला शोषण भी है। राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा किसानों को पताड़ित कर अवैध वसूली करना अत्यंत निंदनीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक स्थिति है। यदि ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के विस्द्ध कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता का प्रशासन से विश्वास समाप्त हो जाएगा तथा भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिलने का संदेश जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रभारी विनोद सिंह ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि दोषी कानूनगो एवं संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन तहसील स्तर से लेकर जनपद स्तर तक व्यापक आंदोलन एवं
धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अतः भारतीय किसान यूनियन, उत्तर प्रदेश की ओर से मांग की जाती है कि-
वायरल वीडियो की तत्काल निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
आरोपी कानूनगो रामबचन यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
रिश्वतखोरी में शामिल अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर कठोर विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए।
पीड़ित किसान को न्याय दिलाते हुए उसकी भूमि की पैमाइश निष्पक्ष रूप से कराई जाए।
भविष्य में किसानों के शोषण को रोकने हेतु तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।
