लखनऊ में 'सरकार की उपलब्धियां' प्रदर्शनी: बख्शी का तालाब के शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह के 'पर्यावरण मित्र' मॉडल ने बटोरी सुर्खियां

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लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के नेपच्यून हॉल में आयोजित 'भारत सरकार के 12 वर्ष' के उपलक्ष्य में चल रही चार दिवसीय प्रदर्शनी (17-20 जून) आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहाँ सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग का स्टाल लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना है।

इस स्टाल पर बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज के विज्ञान शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत एक नवाचारी विज्ञान मॉडल ने न केवल विभागीय अधिकारियों, बल्कि आम नागरिकों को भी गहरे तक प्रभावित किया है।

🌿 पर्यावरण संरक्षण और तकनीक का अनूठा संगम

शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह द्वारा तैयार किया गया यह मॉडल आज की दो सबसे बड़ी चुनौतियों का समाधान पेश करता है:

  • प्रदूषण से मुक्ति: अपशिष्ट पदार्थों (Waste Management) के सही उपयोग से पर्यावरण को दूषित होने से बचाने का व्यावहारिक तरीका।

  • सौर ऊर्जा का कुशलतापूर्वक उपयोग: सोलर पैनल को चार्ज करने की एक ऐसी उन्नत युक्ति, जिसे बेहद कम लागत में तैयार किया जा सकता है।

💡 पहले स्वयं सीखता हूँ, फिर बच्चों को सिखाता हूँ

इस सफलता के पीछे के मंत्र को साझा करते हुए विज्ञान शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह ने कहाविज्ञान हमारे जीवन का एक अनिवार्य और अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल हमारे दैनिक कार्यों को सरल बनाता है, बल्कि हमें निरंतर नई खोजों और आधुनिक तकनीक से परिचित भी कराता है। मेरी सफलता का सीधा सा सूत्र है—मैं पहले स्वयं किसी भी नवाचार (Innovation) को बारीकी से सीखता हूँ, उसके बाद ही उसे अपने विद्यार्थियों को सिखाता हूँ। इसी कारण मेरे नवाचारी प्रयोग धरातल पर सफल साबित होते हैं।"

👏 प्रदर्शनी में मॉडल की हो रही सराहना

प्रदर्शनी में आने वाले आगंतुक इस मॉडल की सरलता और प्रभावशीलता को देखकर आश्चर्यचकित हैं। कम लागत और उच्च तकनीक का यह मेल न केवल छात्रों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक छोटा मगर महत्वपूर्ण कदम भी है।

आयोजन की मुख्य विशेषताएं

  • स्थल: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, नेपच्यून हॉल, लखनऊ।

  • अवधि: 17 जून से 20 जून तक।

  • उद्देश्य: पिछले 12 वर्षों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विभागीय उपलब्धियों को आम जनता तक पहुँचाना।

शिक्षा विभाग के इस स्टाल पर हरिश्चंद्र सिंह जैसे शिक्षकों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी नवाचार का स्तर लगातार ऊंचाइयों को छू रहा है।क्या आप इस प्रदर्शनी या हरिश्चंद्र सिंह जी के इस नवाचारी मॉडल के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं?

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