Acidity and Gas Causes : पेट में लगातार गैस और एसिडिटी बनना नहीं है सामान्य, डॉक्टर से जानें इसके पीछे की 4 प्रमुख वजहें
Frequent Acidity and Gas Causes: मसालेदार या भारी खाना खाने के बाद कभी-कभार पेट में गैस, बदहजमी या एसिडिटी होना एक आम बात है। लेकिन अगर आपको रोज-रोज पेट फूलने (ब्लोटिंग), खट्टी डकारें या गैस बनने की शिकायत हो रही है, तो इसे बिल्कुल भी हल्का न लें।
साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉ. बिमल छाजेर (MBBS, MD) के अनुसार, लगातार एसिडिटी और गैस का बनना आपके पाचन तंत्र (Digestive System) में किसी अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं कि रोज-रोज होने वाली इस समस्या के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं:
खानपान की आदतें बन सकती हैं वजह
कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो कई लोगों में गैस बनने की संभावना बढ़ा सकते हैं। राजमा, पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकली जैसी सब्जियां, तला-भुना भोजन, अधिक तेल-मसाले वाली चीजें और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। यदि किसी विशेष भोजन के बाद बार-बार गैस या एसिडिटी होती है, तो उसे सीमित मात्रा में लेने पर विचार करें।
गलत तरीके से खाना खाने का असर
केवल क्या खा रहे हैं, यह ही नहीं बल्कि कैसे खा रहे हैं, यह भी महत्वपूर्ण है। बहुत तेजी से खाना खाना, भोजन करते समय लगातार बातें करना, जरूरत से ज्यादा खाना या देर रात भोजन करना पाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इन आदतों के कारण पेट में गैस, भारीपन और एसिडिटी की शिकायत बढ़ सकती है।
गट हेल्थ का बिगड़ना
आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया पाचन को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि भोजन में जंक फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और अधिक चीनी वाली चीजें शामिल रहती हैं, तो आंतों का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे भोजन ठीक से नहीं पचता और गैस, ब्लोटिंग व एसिडिटी जैसी समस्याएं बार-बार होने लगती हैं।
तनाव और चिंता का प्रभाव
मानसिक तनाव का असर केवल दिमाग पर ही नहीं, बल्कि पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। लंबे समय तक तनाव या चिंता रहने से पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ सकता है, जिससे एसिडिटी, गैस और पेट में असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी पाचन तंत्र के लिए जरूरी है।
गैस और एसिडिटी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
- भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं।
- तैलीय, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- रोजाना हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि या वॉक करें।
- तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या गहरी सांस लेने जैसी तकनीकों का अभ्यास करें।
- रात का भोजन सोने से कम से कम 2–3 घंटे पहले करें।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि गैस और एसिडिटी के साथ बार-बार पेट दर्द, लगातार उल्टी, वजन कम होना, निगलने में कठिनाई, मल में खून या लगातार कई सप्ताह तक लक्षण बने रहें, तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श लें। यह किसी गंभीर पाचन संबंधी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
कभी-कभार गैस और एसिडिटी होना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संतुलित आहार, अच्छी खानपान की आदतें, तनाव पर नियंत्रण और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से पाचन तंत्र को स्वस्थ रखा जा सकता है।
