एडइनबॉक्स समिट 2026: लखनऊ में शिक्षा और भविष्य के करियर पर महामंथन, फॉरेंसिक साइंस और AI बने आकर्षण का केंद्र

EdInbox Summit 2026: A Grand Deliberation on Education and Future Careers in Lucknow—Forensic Science and AI Take Center Stage
 
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लखनऊ, 24 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज देश के 'एजुकेशन हब' के रूप में चमकती नजर आई। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'एडइनबॉक्स रीजनल हायर एजुकेशन समिट 2026' में शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और हजारों छात्रों ने भविष्य की शिक्षा और करियर की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा की। इस समिट ने उच्च शिक्षा, कौशल विकास और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच की दूरी को पाटने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।

फॉरेंसिक साइंस: संभावनाओं का नया क्षितिज

इस वर्ष की समिट का मुख्य आकर्षण फॉरेंसिक साइंस रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि यह क्षेत्र न केवल रोमांचक है, बल्कि करियर के लिहाज से भी तेजी से उभर रहा है।

  • वैज्ञानिक साक्ष्य की शक्ति: विशेषज्ञों ने डीएनए प्रोफाइलिंग, डिजिटल फॉरेंसिक, टॉक्सिकोलॉजी और फिंगरप्रिंट एनालिसिस जैसी जटिल तकनीकों को छात्रों को सरल भाषा में समझाया।

  • न्यायिक भूमिका: चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे छोटे-छोटे वैज्ञानिक साक्ष्य बड़े आपराधिक मामलों को सुलझाने और न्याय दिलाने में निर्णायक साबित होते हैं।

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दिग्गज शिक्षाविदों का मार्गदर्शन

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) आदर्श कुमार (निदेशक, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्रीज) ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है।छात्रों के लिए व्यावहारिक कौशल (Practical Skills), रिसर्च ओरिएंटेशन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य है। फॉरेंसिक साइंस जैसे विषय भविष्य के करियर के लिए संभावनाओं से भरे हैं।" — प्रो. (डॉ.) आदर्श कुमार उद्घाटन सत्र में डॉ. ए.के. श्रीवास्तव (FSL लखनऊ), डॉ. टी.पी. सिंह (चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी), प्रो. उज्जवल के. चौधरी और प्रो. (डॉ.) दीप्ति शुक्ला जैसे गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किए।

एआई और नई शिक्षा नीति पर मंथन

समिट के विभिन्न सत्रों में केवल फॉरेंसिक ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और नीतियों पर भी विस्तार से बात हुई:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): शिक्षा और इंडस्ट्री में एआई के बढ़ते प्रभाव और इसके साथ तालमेल बिठाने पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

  • स्किल-बेस्ड एजुकेशन: नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने पर चर्चा हुई।

  • एकेडमिक डायलॉग: 'रीजनल प्रिंसिपल्स मीट' और 'स्कूल–यूनिवर्सिटी कनेक्ट' जैसे कार्यक्रमों के जरिए स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बीच संवाद को मजबूत किया गया।

सम्मान और उल्लास का माहौल

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षाविदों को ‘प्रिंसिपल अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। आरजे पुनीत और होस्ट मनीषा के शानदार संचालन ने पूरे आयोजन में नई ऊर्जा भर दी।

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