बच्ची की दर्दनाक मौत के बाद नगर पालिका का बड़ा फैसला, नगर क्षेत्र में तेज डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि डीजे की अत्यधिक तेज आवाज का सबसे अधिक असर बीमार लोगों, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है। नगर क्षेत्र में हाल ही में हुई दुखद घटना ने इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और सामूहिक रूप से ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने कहा कि नगरवासियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शांति सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि धार्मिक, सामाजिक अथवा अन्य किसी भी आयोजन में ध्वनि की तीव्रता इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो या किसी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नगर क्षेत्र में डीजे की तेज एवं तीव्र ध्वनि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। उपस्थित प्रतिनिधियों ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों की परंपराओं तथा उत्सव की भावना के साथ जनस्वास्थ्य और नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नगर पालिका की ओर से नगरवासियों से अपील की गई कि वे इस निर्णय में सहयोग करें और नगर में शांति, सौहार्द एवं अनुशासन का वातावरण बनाए रखें। आयोजकों से भी कहा गया कि कार्यक्रमों के दौरान ध्वनि के स्तर का विशेष ध्यान रखा जाए तथा बीमारों, बुजुर्गों और बच्चों की संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जाए।

बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में गेल्हापुर महंत बृजानंद जी महाराज, राजकुमार लाल श्रीवास्तव, डीपी सिंह बैस, सर्वेश सिंह, विजय अग्रवाल, हाजी नब्बन खां, मोहसिन खां, अब्दुल वहाब, आरिफ हुसैन, रमेश पहवा, प्रीतपाल सिंह, संजय कुमार मिश्र, राम नरेश त्रिपाठी, संजय शर्मा, डॉ. तुलसी दुबे, गंगा शर्मा, डॉ. देवेश श्रीवास्तव, अविनाश मिश्रा, कृष्ण गोपाल गुप्ता, डॉ. राकेश चंद्र, संजय मिश्रा, मनोज गुप्ता, संतोष गुप्ता, संजय शुक्ला, आनंद किशोर गुप्ता, शुभेंद्र मिश्रा, विकास मिश्रा, सुनील गुप्ता, प्रकाश सोनी, अब्दुल बारी, अम्बरीश शुक्ला और विनोद गिरि सहित सभासदों के प्रतिनिधि, नगर पालिका के सभासद तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
