भारत के सबसे बड़े IPO से पहले जियो ने पेश किया ग्रोथ रोडमैप, मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज कारोबार पर रहेगा फोकस

होम ब्रॉडबैंड के ग्राहकों को 2.86 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य, चुनिंदा विदेशी बाजारों में टेक्नोलॉजी स्टैक के व्यावसायिक इस्तेमाल की तैयारी

 
मोबिलिटी: 4G और 5G ग्राहकों के विस्तार पर जोर  जियो के पहले ग्रोथ इंजन यानी मोबिलिटी कारोबार में अगले पांच वर्षों के दौरान नए कनेक्शनों और तकनीकी अपग्रेड की बड़ी संभावनाएं देखी जा रही हैं। कंपनी के अनुमान के मुताबिक, इस अवधि में लगभग 34 करोड़ नए 4G और 5G ग्राहकों का बाजार उपलब्ध हो सकता है।  इसमें करीब 10 करोड़ ऐसे ग्राहक शामिल होंगे, जो पहली बार मोबाइल कनेक्शन लेंगे। वहीं, लगभग 24 करोड़ ग्राहक 2G से 4G और 5G सेवाओं की ओर बढ़ सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में जियो के नेट एक्टिव मोबाइल ग्राहकों की वृद्धि दूसरे सबसे बड़े ऑपरेटर की तुलना में लगभग तीन गुना रही।  होम ब्रॉडबैंड: 10 करोड़ घरों तक पहुंचने का लक्ष्य  होम ब्रॉडबैंड को जियो आने वाले वर्षों में कारोबार बढ़ाने का एक प्रमुख आधार मान रहा है। कंपनी के पास फिलहाल लगभग 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं और इसका लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक पहुंचना है।  कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश में जुड़े कुल नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में जियो की हिस्सेदारी लगभग 67.5 प्रतिशत रही। आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी फाइबर नेटवर्क के साथ वायरलेस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अपनी सेवाओं का विस्तार देश के लगभग 19,000 पिन कोड तक कर रही है।  एंटरप्राइज और इंटरनेशनल कारोबार से नए अवसर  जियो का तीसरा ग्रोथ इंजन एंटरप्राइज और अंतरराष्ट्रीय कारोबार है। कंपनी के मुताबिक, भारत में एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज का बाजार लगभग 5.1 लाख करोड़ रुपये यानी 56.8 अरब डॉलर का है। आकाश अंबानी ने बताया कि देश की करीब 65 प्रतिशत बैंक शाखाएं जियो नेटवर्क से जुड़ी हैं।  कंपनी अब अपनी एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक को चुनिंदा विदेशी बाजारों में व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। इसकी रणनीति केवल सॉफ्टवेयर बेचने तक सीमित नहीं है। जियो वैश्विक टेलीकॉम कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के रूप में भी काम करना चाहता है।  आकाश अंबानी के अनुसार, इस दिशा में सफलता मिलने से भारत को टेक्नोलॉजी के आयातक से निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।  दीर्घकालिक सोच और वित्तीय अनुशासन पर जोर  कार्यक्रम में ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत और रिलायंस की कारोबारी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी दीर्घकालिक रणनीति, बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता, मजबूत क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर भरोसा करती है।  प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत उदय कोटक ने की। उन्होंने रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी और वर्ष 1977 में आए रिलायंस के IPO को याद किया।  जियो का प्रस्तुत रोडमैप मोबिलिटी सेवाओं के विस्तार, घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाने और एंटरप्राइज तकनीक को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ले जाने पर केंद्रित है। कंपनी के लिए अगला चरण इन लक्ष्यों को व्यावसायिक वृद्धि में बदलने और भारत के डिजिटल सेवा बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का होगा।

मुंबई, 15 अक्टूबर 2026। भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO की तैयारी के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने अगले चरण की विकास रणनीति का खाका पेश किया है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल कारोबार को जियो के तीन प्रमुख ग्रोथ इंजन बताया। कंपनी का लक्ष्य अपनी तकनीक, डिजिटल सेवाओं और मजबूत नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए वित्त वर्ष 2030-31 तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका का विस्तार करना है।

आकाश अंबानी ने कहा, “हमारे बिजनेस की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हमारा ग्राहक है।” उन्होंने बताया कि कंपनी का फोकस हर भारतीय, हर घर और हर एंटरप्राइज तक बेहतर और किफायती डिजिटल सेवाएं पहुंचाने पर रहेगा। कंपनी के अनुसार, जियो के पास वर्तमान में लगभग 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी ग्राहक हैं और वह भारत के 60 प्रतिशत से अधिक डेटा ट्रैफिक को संभालती है।

मोबिलिटी: 4G और 5G ग्राहकों के विस्तार पर जोर

जियो के पहले ग्रोथ इंजन यानी मोबिलिटी कारोबार में अगले पांच वर्षों के दौरान नए कनेक्शनों और तकनीकी अपग्रेड की बड़ी संभावनाएं देखी जा रही हैं। कंपनी के अनुमान के मुताबिक, इस अवधि में लगभग 34 करोड़ नए 4G और 5G ग्राहकों का बाजार उपलब्ध हो सकता है।

इसमें करीब 10 करोड़ ऐसे ग्राहक शामिल होंगे, जो पहली बार मोबाइल कनेक्शन लेंगे। वहीं, लगभग 24 करोड़ ग्राहक 2G से 4G और 5G सेवाओं की ओर बढ़ सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में जियो के नेट एक्टिव मोबाइल ग्राहकों की वृद्धि दूसरे सबसे बड़े ऑपरेटर की तुलना में लगभग तीन गुना रही।

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होम ब्रॉडबैंड: 10 करोड़ घरों तक पहुंचने का लक्ष्य

होम ब्रॉडबैंड को जियो आने वाले वर्षों में कारोबार बढ़ाने का एक प्रमुख आधार मान रहा है। कंपनी के पास फिलहाल लगभग 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं और इसका लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक पहुंचना है।

कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश में जुड़े कुल नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में जियो की हिस्सेदारी लगभग 67.5 प्रतिशत रही। आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी फाइबर नेटवर्क के साथ वायरलेस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अपनी सेवाओं का विस्तार देश के लगभग 19,000 पिन कोड तक कर रही है।

एंटरप्राइज और इंटरनेशनल कारोबार से नए अवसर

जियो का तीसरा ग्रोथ इंजन एंटरप्राइज और अंतरराष्ट्रीय कारोबार है। कंपनी के मुताबिक, भारत में एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज का बाजार लगभग 5.1 लाख करोड़ रुपये यानी 56.8 अरब डॉलर का है। आकाश अंबानी ने बताया कि देश की करीब 65 प्रतिशत बैंक शाखाएं जियो नेटवर्क से जुड़ी हैं।

कंपनी अब अपनी एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक को चुनिंदा विदेशी बाजारों में व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। इसकी रणनीति केवल सॉफ्टवेयर बेचने तक सीमित नहीं है। जियो वैश्विक टेलीकॉम कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के रूप में भी काम करना चाहता है।

आकाश अंबानी के अनुसार, इस दिशा में सफलता मिलने से भारत को टेक्नोलॉजी के आयातक से निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

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दीर्घकालिक सोच और वित्तीय अनुशासन पर जोर

कार्यक्रम में ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत और रिलायंस की कारोबारी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी दीर्घकालिक रणनीति, बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता, मजबूत क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर भरोसा करती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत उदय कोटक ने की। उन्होंने रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी और वर्ष 1977 में आए रिलायंस के IPO को याद किया। जियो का प्रस्तुत रोडमैप मोबिलिटी सेवाओं के विस्तार, घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाने और एंटरप्राइज तकनीक को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ले जाने पर केंद्रित है। कंपनी के लिए अगला चरण इन लक्ष्यों को व्यावसायिक वृद्धि में बदलने और भारत के डिजिटल सेवा बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का होगा।

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