अखंड सेवा और अडिग संकल्प: मोदी युग का नया कीर्तिमान

Unwavering Service and Steadfast Resolve: A New Milestone of the Modi Era
 
Unwavering Service and Steadfast Resolve: A New Milestone of the Modi Era
इंजी. कवि अतिवीर जैन 'पराग' (विनायक फीचर्स)
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में प्रधानमंत्री पद पर लंबे समय तक लगातार बने रहना किसी भी जननेता की लोकप्रियता, राजनीतिक कौशल और जनविश्वास का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि भारतीय राजनीति के इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय के रूप में दर्ज हुई है।

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वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद नरेंद्र मोदी ने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी का नेतृत्व करते हुए सरकार बनाई। इस दौरान उन्होंने कई ऐसे निर्णय लिए, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा प्राप्त की। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना, तीन तलाक के विरुद्ध कानून बनाना तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार उनकी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिने जाते हैं।


प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक सरकारी सहायता पहुंचाने का प्रयास किया है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और आधार आधारित सेवाओं ने भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने में भूमिका निभाई है।
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी देश में राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे आधुनिकीकरण, वंदे भारत ट्रेनों तथा हवाई अड्डों के विस्तार को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। समर्थकों का मानना है कि इन परियोजनाओं ने देश की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान की है।


अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की सक्रियता और प्रभाव में वृद्धि देखने को मिली है। विभिन्न वैश्विक मंचों पर भारत की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका की व्यापक चर्चा होती रही है। अनेक देशों द्वारा उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है, जिसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के रूप में देखा जाता है।


हालांकि लोकतंत्र में किसी भी सरकार की उपलब्धियों और नीतियों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण स्वाभाविक हैं। जहां समर्थक मोदी सरकार के कार्यों को परिवर्तनकारी मानते हैं, वहीं विपक्ष कई नीतियों और निर्णयों पर सवाल भी उठाता रहा है। यही लोकतंत्र की शक्ति है कि विभिन्न विचारों और मतों के बीच संवाद बना रहता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह उपलब्धि भारतीय राजनीति में उनकी दीर्घकालिक स्वीकार्यता और जनाधार का संकेत है। आने वाले वर्षों में उनकी सरकार की नीतियां और निर्णय देश की दिशा एवं विकास यात्रा को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इस पर देश और दुनिया की निगाह बनी रहेगी।

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