अलीगंज अग्निकांड: व्यापारियों को राहत और सुधार का मौका दे प्रशासन, सीलिंग स्थायी समाधान नहीं – सुश्री गीता गुप्ता

Aliganj Fire Incident: Administration should offer relief and an opportunity for improvements to traders; sealing is not a permanent solution – Ms. Geeta Gupta.
 
अलीगंज अग्निकांड: व्यापारियों को राहत और सुधार का मौका दे प्रशासन, सीलिंग स्थायी समाधान नहीं – सुश्री गीता गुप्ता

लखनऊ, 01 जुलाई 2026। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुआ भीषण अग्निकांड बेहद दुखद और चिंता का विषय है। संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल इस हादसे में अपने प्रियजनों, दुकानों और संपत्तियों को गंवाने वाले सभी पीड़ित परिवारों और व्यापारियों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता है।

इसी आपदा और इसके बाद उपजे हालातों को लेकर आज संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री गीता गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक से आपातकालीन मुलाकात की और उन्हें एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। इस दौरान उन्होंने अग्निकांड के बाद व्यापारियों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों से उपमुख्यमंत्री को विस्तार से अवगत कराया।

निगरानी तंत्र की कमियों से होते हैं ऐसे हादसे

सुश्री गीता गुप्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी भीषण घटनाएं सिर्फ एक हादसा नहीं हैं, बल्कि यह सुरक्षा नियमों के प्रति लंबे समय से बढ़ती जा रही ढिलाई और मॉनिटरिंग सिस्टम की खामियों को भी दर्शाती हैं। यदि नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और अन्य जिम्मेदार विभागों ने समय-समय पर सही मार्गदर्शन और कड़ाई से निरीक्षण किया होता, तो आज यह दर्दनाक स्थिति पैदा न होती।

बिना नोटिस या समय दिए सीलिंग की कार्रवाई पर जताई चिंता

वर्तमान में प्रशासनिक अमले (नगर निगम और एलडीए) द्वारा कोचिंग सेंटरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर की जा रही ताबड़तोड़ सीलिंग की कार्रवाई पर व्यापार मंडल ने गंभीर चिंता जताई है।

  • व्यापारियों की मांग: संगठन का कहना है कि सुरक्षा उपाय लागू करना बेहद ज़रूरी है, लेकिन बिना मौका दिए सीधे प्रतिष्ठानों को बंद कर देना न्यायसंगत नहीं है।

  • सुधार के लिए मिले वक्त: सरकार और प्रशासन से मांग की गई है कि व्यापारियों को कम से कम 5 से 10 दिनों की मोहलत दी जाए। इस समय सीमा में व्यापारी मान्यता प्राप्त एजेंसियों से सेफ्टी ऑडिट करा सकें, नए फायर फाइटिंग उपकरण लगा सकें और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था पूरी कर सकें।

दंडात्मक नहीं, सहयोगात्मक रुख अपनाए सरकार

"व्यापारी वर्ग पहले से ही मंदी, ऑनलाइन बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा, महंगाई और धीमी आर्थिक रफ्तार से जूझ रहा है। ऐसे नाज़ुक दौर में दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को सुधारात्मक और सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए।" — सुश्री गीता गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष (संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल)

उन्होंने याद दिलाया कि देश और प्रदेश के राजस्व, रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण में व्यापारियों का योगदान हमेशा से अतुलनीय रहा है। इसलिए उनकी व्यावहारिक समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझा जाना चाहिए।

उपमुख्यमंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन

माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने व्यापार मंडल की सभी बातों और सुझावों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर आवश्यक और सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय प्रभारी विष्णु शंकर तिवारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी भुवनेश पांडे और सौरभ सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सुरक्षा भी और व्यापार भी

संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि व्यापारियों को बेवजह प्रताड़ित न किया जाए। नियमों का पालन कराने के लिए एक सहयोगी माहौल तैयार करना बेहद ज़रूरी है। "सुरक्षा भी आवश्यक है और व्यापार भी। दोनों के बीच संतुलन बनाकर ही इस समस्या का एक स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।"

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