अलीगढ़: कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का तीखा हमला- 'सरकारी स्कूलों को बंद कर शिक्षा छीन रही है भाजपा सरकार'
अलीगढ़/बुलंदशहर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तर प्रदेश प्रभारी व पूर्व मंत्री श्री राजेंद्र पाल गौतम अपने निर्धारित एक दिवसीय संगठनात्मक दौरे के तहत बुधवार को दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा बुलंदशहर होते हुए अलीगढ़ पहुंचे। इस दौरान गाजियाबाद के लालकुआं, दादरी, सिकंदराबाद और बुलंदशहर में जगह-जगह कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
दौरे की शुरुआत में बुलंदशहर के नेहरूपुर चुंगी (खुर्जा) पहुंचने पर यूपी प्रभारी ने संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद वे खैर (गभाना) होते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) सर्किल के निकट स्थित हैबिटेट सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने जनपद के प्रबुद्धजीवियों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक की।
प्राइवेट और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर उठाए सवाल
हैबिटेट सेंटर में प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित करते हुए श्री राजेंद्र पाल गौतम ने प्रदेश और देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा आज देश में एक अजीब विडंबना देखने को मिल रही है। जो लोग टीईटी (TET) उत्तीर्ण हैं, जो अत्यधिक योग्य और शिक्षित हैं, वे सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इसके विपरीत, जो टीईटी पास नहीं कर पाते, वे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं। इसके बावजूद बड़ा सवाल यह है कि सरकारी स्कूलों में बच्चे क्यों नहीं जा रहे हैं? आखिर सरकार इन स्कूलों का स्तर सुधारने में विफल क्यों है?"

'गरीबों से शिक्षा छीनने के लिए हो रहा है निजीकरण'
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा देश को आगे बढ़ाने का काम किया। महात्मा गांधी, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, मौलाना आजाद और पंडित जवाहरलाल नेहरू के विजन के कारण ही कांग्रेस सरकारों ने गरीबों, दलितों और वंचितों के बच्चों को वजीफा (स्कॉलरशिप) देकर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। इसी का परिणाम है कि आज गरीब और पिछड़े परिवारों के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बन सके।

उन्होंने वर्तमान सत्ता की सोच को इसके बिल्कुल विपरीत बताते हुए कहा
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निजीकरण की मार: वर्तमान सरकार नहीं चाहती कि कोई उनसे हक और रोजगार के सवाल पूछे। इसलिए जानबूझकर सरकारी स्कूलों को बंद कर शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है।
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शिक्षकों की भारी कमी: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लाखों पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण लाखों स्कूल बंद होने की कगार पर हैं और इसके एवज में महंगे निजी स्कूल खुल रहे हैं। शहरों के इन महंगे प्राइवेट स्कूलों का खर्च उठाना किसी भी गरीब या मध्यमवर्गीय परिवार के वश में नहीं है।
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पूंजीपतियों की सरकार: यह सरकार 'बंच ऑफ थॉट्स' के सिद्धांत पर काम कर रही है। यह केवल दलित, आदिवासी या पिछड़ों के ही खिलाफ नहीं है, बल्कि देश के हर उस आम वर्ग के खिलाफ है जो मेहनत करके आगे बढ़ना चाहता है। यह सरकार सिर्फ दो-तीन बड़े पूंजीपतियों के फायदे के लिए काम कर रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के खर्च और बेरोजगारी पर डिबेट की जरूरत
राजेंद्र पाल गौतम ने देश में बेरोजगारी और परीक्षाओं के आयोजन पर होने वाले भारी-भरकम खर्च का आंकड़ा सामने रखते हुए कहा कि देश के पांच प्रमुख विभागों के कुल बजट के बराबर राशि (लगभग 3 लाख 58 हजार करोड़ रुपये) देश की महज पांच प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं पर खर्च हो रही है। जब सरकार समय पर पारदर्शी ढंग से परीक्षाएं नहीं करा सकती और शिक्षा का अधिकार नहीं दे पा रही, तो वह युवाओं को नौकरियां कहां से देगी?
उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर देश के विश्वविद्यालयों में, वकीलों, श्रमिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसानों और बुद्धिजीवियों के बीच एक व्यापक डिबेट (बहस) की सख्त जरूरत है, और इसकी शुरुआत वे आज अलीगढ़ की इस पावन ज्ञानभूमि से कर रहे हैं।
'युवा देश की रीढ़, शिक्षा को कमजोर करने के खिलाफ उठाएं आवाज'
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन और पूर्व मंत्री डॉ. सी.पी. राय ने बताया कि प्रबुद्धजनों से संवाद के बाद कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) पहुंचे। वहां उन्होंने एएमयू के छात्र प्रतिनिधियों और युवाओं के साथ एक विशेष बैठक की।
छात्रों को प्रेरित करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि युवा ही इस देश की असली रीढ़ हैं। आज जिस तरह भाजपा सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर और आम छात्र की पहुंच से दूर करने की कोशिश कर रही है, उसके खिलाफ देश के सभी युवाओं और छात्रों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की आवश्यकता है।



