प्रधानमंत्री आवास योजना में घूस का आरोप: पहली किस्त के बाद ₹10 हजार की मांग, न देने पर दूसरी किस्त रोकने की धमकी
Allegations of bribery under the Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) scheme: ₹10,000 demanded after the first installment, with the threat of withholding the second installment if not paid.
Wed, 18 Mar 2026
नवनीत कुमार राम जी पिहानी (हरदोई): केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। कस्बा पिहानी के मोहल्ला भाटनटोला की एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि सभासद प्रतिनिधि अरुण गुप्ता द्वारा पहली किस्त जारी होने के बाद ₹10,000 की अवैध मांग की जा रही है।
पीड़िता के अनुसार, जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो उसे धमकी दी गई कि उसकी दूसरी किस्त रुकवा दी जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दलालों का नेटवर्क, लाभार्थी परेशान
स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना में दलालों का एक नेटवर्क सक्रिय है, जो गरीब और जरूरतमंद लोगों से अवैध वसूली कर रहा है। बिना पैसे दिए लाभ मिलना मुश्किल बताया जा रहा है।
नगर पालिका में शिकायत, जांच शुरू
पीड़िता ने इस मामले की लिखित शिकायत नगर पालिका परिषद पिहानी के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह को दी है। अधिशासी अधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि शिकायत की जांच कराई जा रही है और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरोपों से इनकार
वहीं, आरोपित सभासद प्रतिनिधि अरुण गुप्ता ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी से कोई धनराशि नहीं मांगी है।
पहले भी विवादों में नाम
जानकारी के अनुसार, संबंधित प्रतिनिधि पहले भी विवादों में रह चुके हैं। बिना अनुमति इंटरलॉकिंग उखाड़ने और प्राथमिक विद्यालय के मिड डे मील में कथित हिस्सेदारी मांगने जैसे आरोपों में उनका नाम सामने आ चुका है।
जांच पर टिकी नजरें
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और क्या गरीबों के लिए चलाई जा रही इस योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लग पाता है या नहीं।
