15 अगस्त को लाल किले पर यूपी का गौरव बढ़ाएंगे ट्यौढ़ी के अमन कुमार

Aman Kumar of Tyodhi will make UP proud at Red Fort on 15th August
 
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बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के ट्यौढ़ी गांव के युवा अमन कुमार ने संघर्ष, मेहनत और संकल्प के दम पर सफलता की प्रेरक मिसाल कायम की है। कभी पढ़ाई जारी रखने के लिए साइकिल से गांव-गांव अखबार बांटने वाले अमन अब देश के प्रमुख युवा प्रेरणास्रोतों में अपनी पहचान बना चुके हैं। भारत सरकार ने उन्हें 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों के बीच अमन की मौजूदगी ग्रामीण भारत के युवाओं की क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करेगी। उनकी यह उपलब्धि केवल बागपत या उत्तर प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

युवाओं को अवसरों की जानकारी पहुंचाने का संकल्प

अपनी पढ़ाई के दौरान अमन ने महसूस किया कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में प्रतिभाशाली युवाओं को सही समय पर जानकारी और मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। जिस समस्या का सामना उन्होंने स्वयं किया, उसे उन्होंने दूसरे युवाओं के लिए अवसर में बदलने का संकल्प लिया।

इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रोजेक्ट कॉन्टेस्ट 360 और उड़ान यूथ क्लब जैसी पहल शुरू कीं। इन प्रयासों के माध्यम से आज माय भारत के सहयोग से देशभर के 86 लाख से अधिक युवाओं तक शिक्षा, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और करियर से जुड़े अवसरों की जानकारी पहुंच रही है।

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तकनीक को जनसेवा से जोड़कर बनाई पहचान

अमन ने तकनीक को जनसेवा और पारदर्शी प्रशासन से जोड़ने की दिशा में भी काम किया है। बागपत प्रशासन के साथ मिलकर उन्होंने कांवड़ यात्रा ऐप, स्वीप ऐप और सूचना सेतु जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने में सहयोग दिया।

उनके कार्यों को उत्तर प्रदेश सरकार के स्वामी विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के आई-वॉलिंटियर यूथ चैंपियन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा अमन को यूनेस्को, यूनिसेफ और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी से जुड़े वैश्विक मंचों पर भी अपनी बात रखने का अवसर मिला है।

गांव से लाल किले तक का प्रेरक सफर

लाल किले से मिले इस विशेष आमंत्रण पर अमन कुमार ने इसे अपना व्यक्तिगत सम्मान न बताते हुए देश के उन सभी युवाओं को समर्पित किया, जो गांव-देहात में रहकर देश के विकास में योगदान देने का सपना देखते हैं।

ट्यौढ़ी के ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के सबसे प्रतिष्ठित स्वतंत्रता दिवस समारोह तक पहुंचा अमन का सफर यह संदेश देता है कि संसाधनों की कमी सफलता की राह को रोक नहीं सकती, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे।

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