अमित शाह का महागठबंधन पर तीखा हमला: बोले – “लालू राज में लूट-हत्या की इंडस्ट्री चलती थी, अब नहीं लौटने देंगे जंगलराज”

 
 "Amit Shah attacks the Grand Alliance: Says, 'Infiltrators want to make Seemanchal their stronghold'!"

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ मतदान के बाद अब सभी की नजरें 11 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर टिकी हैं। इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 8 नवंबर को पूर्णिया के बनमनखी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए महागठबंधन पर जोरदार हमला बोला।

 राहुल और तेजस्वी पर निशाना

अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत में ही राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ये दोनों “घुसपैठिया बचाओ यात्रा” निकाल रहे हैं और सीमांचल को घुसपैठियों का गढ़ बनाना चाहते हैं। शाह ने कहा कि यह चुनाव दो विचारधाराओं की लड़ाई है —
एक तरफ “बिखरा हुआ ठगबंधन” है और दूसरी ओर NDA, जो उनके शब्दों में “पांच पांडवों की तरह मज़बूत” है।

उन्होंने कहा,

“पहले चरण में ही लालू और राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। इस बार बिहार में 160 से ज़्यादा सीटें जीतकर NDA की सरकार बनेगी और बिहार को मोदी-नीतीश के नेतृत्व में विकसित राज्य बनाया जाएगा।”

 ‘लालू-राबड़ी का राज था जंगलराज’

अपने भाषण में शाह ने बिहार के पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल में “दिन-दहाड़े हत्या, लूट, फिरौती और अपहरण की इंडस्ट्री” चलती थी। उन्होंने कहा —

“उस वक्त MLA तक सुरक्षित नहीं थे, हर गली-मोहल्ले में डर का माहौल था। लेकिन आज नीतीश कुमार ने उस जंगलराज को खत्म कर दिया है।”

शाह ने जनता से अपील की कि इस बार कोई गलती न हो —

“जंगलराज अब नया रूप लेकर लौटने की कोशिश कर रहा है। हर वोट NDA को मज़बूत करेगा और जंगलराज की वापसी को रोकेगा।”

शाहाबुद्दीन के बेटे पर तीखा वार

अपने भाषण के दौरान शाह ने एक और बड़ा मुद्दा उठाया — शाहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को टिकट देने का।
उन्होंने कहा —

“लालू की पार्टी ने सीवान से शाहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को टिकट दिया, और टिकट देते समय तेजस्वी यादव ने नारा लगाया – ‘शाहाबुद्दीन अमर रहे!’

शाह ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा —

“इस बिहार की धरती पर, इस सीवान की धरती पर, न ओसामा की जगह है और न शाहाबुद्दीन की सोच की!”

यह बयान सुनकर सभा में लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। शाह ने इस मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाते हुए कहा कि NDA बिहार को फिर से अपराध और आतंक के साए में नहीं जाने देगा।

 घुसपैठ पर सख्त रुख

अमित शाह ने सीमांचल में घुसपैठियों के मुद्दे को मुख्य चुनावी विषय बताया।
उन्होंने कहा —

“ये घुसपैठिए हमारे युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं, गरीबों के राशन में हिस्सा ले रहे हैं और देश की सीमा सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं।”

उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि NDA सरकार घुसपैठियों को बाहर निकालने के साथ-साथ जमीन पर हुए अवैध कब्जों को भी पूरी तरह खत्म करेगी।

“सीमांचल को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा, यह हमारा वादा है,” उन्होंने कहा।

🗳️ जनता से भावनात्मक अपील

अपने भाषण के अंत में शाह ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा —

“हर वोट सिर्फ एक बटन नहीं है, बल्कि जंगलराज को रोकने का एक प्रयास है। हर वोट NDA को मज़बूत करने और बिहार को सुरक्षित, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक कदम है।”

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता समझदार है और जानती है कि कौन राज्य के हित में काम कर रहा है और कौन अपने परिवार के लिए राजनीति कर रहा है।

 चुनावी रणनीति और संदेश

शाह के भाषण में पहचान, सुरक्षा और विकास तीनों मुद्दे प्रमुखता से रहे। उन्होंने NDA की सरकार के कामकाज, केंद्र की योजनाओं और बिहार के विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि अब राज्य “जंगलराज से विकासराज” की ओर बढ़ चुका है।

यह जनसभा पहले चरण के मतदान के बाद आयोजित की गई, जब राजनीतिक माहौल पहले से ही काफी गरम था। शाह का यह भाषण न सिर्फ महागठबंधन पर सख्त प्रहार था, बल्कि NDA की रणनीति को और स्पष्ट करने वाला भी साबित हुआ।

🗣️ निष्कर्ष

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