गुरुकुल महाविद्यालय रुद्रपुर, तिलहर (शाहजहांपुर) में अमृत महोत्सव , छात्रावास का भव्य उद्घाटन
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने देशभर में 351 छात्रावास निर्मित कराने का संकल्प लिया है और इनके सभी प्रकल्पों के लिए दाता स्वयं आगे आकर सहयोग करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकल्प के मुख्य दाता विक्रम भाई बजाज से उनकी पहली भेंट इसी समारोह में हुई, लेकिन उन्होंने मातोश्री ट्रस्ट पर अपार विश्वास जताया और छात्रावास निर्माण में सहयोग देकर पुण्य अर्जित किया।
केशुभाई गोटी ने कहा कि गुरुकुल के बच्चे इस छात्रावास में रहकर बेहतर अध्ययन कर सकेंगे और उनका उज्जवल भविष्य सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के कर्मयोगी कठिन परिस्थितियों में भी निर्माण स्थल पर रहकर कार्य पूरा कराते हैं और वास्तविक पुण्य उन्हीं को मिलता है।
प्रमुख दाता विक्रम भाई बजाज का संबोधन
वाइब्रेंट इन्कॉरपोरेशन एलएलपी, मुंबई के प्रमुख विक्रम भाई लालचंद भाई बजाज ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में छात्रावास निर्माण का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने गुरुकुल प्रबंधन को छात्रावास सौंपते हुए विश्वास जताया कि इसका लाभ गांव-क्षेत्र के विद्यार्थियों को लंबे समय तक मिलेगा।
विधायक और विशिष्ट अतिथियों की सराहना
तिलहर विधायक श्रीमती सलोना कुशवाहा ने गुरुकुल को ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए एक आदर्श शिक्षण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यहां से पढ़कर निकले कई विद्यार्थी आगे बढ़े हैं और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में यह संस्था उल्लेखनीय कार्य कर रही है।
मुंबई से आए दिलीप कुमार लालवानी ने भी ट्रस्ट की पहल को सराहा और कहा कि यहां के छात्रों के लिए आवास की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी हो चुकी है।जीएसटी कमिश्नर डॉ. श्याम सुंदर पाठक ने बच्चों में संस्कृति और संस्कारों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने छात्रों की सुविधा हेतु और सहयोग देने की घोषणा भी की।जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित विमला बहन ने कहा कि भारत का हर बच्चा संस्कृति का पालन करते हुए आगे बढ़े — यही सच्ची प्रगति है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने गुरुकुल की 75 वर्ष की यात्रा को प्रेरणादायक बताया।एसएस यूनिवर्सिटी के सचिव डॉ. अवनीश मिश्र और भारतीय योग संस्थान के डॉ. अवधेश मणि त्रिपाठी ने गुरुकुल की शिक्षण प्रणाली और उपलब्धियों की प्रशंसा की।वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, संस्कृत विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय निरीक्षक, तथा संयुक्त निदेशक ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।पूर्व सांसद रामबक्स वर्मा ने कहा कि गुरुकुल को उन्होंने अपनी शुरुआती अवस्था से बढ़ते हुए देखा है, और यह संस्था निरंतर समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।विनोबा सेवा आश्रम के संस्थापक रमेश भइया, जो इस समय एक वर्ष के मौन व्रत पर हैं, ने लिखित संदेश भेजकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि ‘गुरुकुल’ शब्द सुनते ही भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था का स्मरण हो आता है, जहां गुरु के सान्निध्य में शिक्षा प्राप्त करना जीवन का परम सौभाग्य माना जाता है।
भव्य आयोजन और अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के स्वामी अभिषेक देव, डा. सुद्दुमन आचार्य जी, जी. एस. वर्मा, सीए वैभव भाई सुतरिया, सुरेश शिवानी, नाग जी भाई, ज्योति बहन सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।गुरुकुल महाविद्यालय के व्यवस्थापक प्रणव आर्य ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। वेद मंत्रों की पावन ध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ डॉ. श्रेष्ठा बहन एवं डॉ. श्रद्धा बहन की टीम ने अतिथियों का स्वागत किया।
