एमवे इंडिया ने आयुर्वेद में बढ़ाया कदम, ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़ा अभियान
लखनऊ। हेल्थ और वेलनेस क्षेत्र की कंपनी एमवे इंडिया ने आयुर्वेदिक उत्पादों की श्रेणी में विस्तार करते हुए ‘न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद’ के तहत नौ नए उत्पाद पेश करने की घोषणा की है। कंपनी ने इस श्रेणी को अगले दो वर्षों में 100 करोड़ रुपये का कारोबार बनाने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी के अनुसार, यह पहल भारत की पारंपरिक वेलनेस विरासत, आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ‘विकसित भारत 2047’ की व्यापक सोच के साथ जुड़ी है। न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से जिम्मेदारी के साथ प्राप्त की जाती हैं। इसके बाद उत्पादों का निर्माण तमिलनाडु स्थित एमवे की अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई में किया जाता है।
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का मेल
एमवे इंडिया के अनुसार, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद केवल उत्पादों की नई श्रृंखला नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आयुर्वेद से जुड़ी पूरी आर्थिक और उत्पादन श्रृंखला को मजबूत करना है। इसमें स्थानीय किसानों से जड़ी-बूटियों की जिम्मेदार खरीद, टिकाऊ खेती, विनिर्माण, वैज्ञानिक शोध, नवाचार और रोजगार जैसे पहलू शामिल हैं।
कंपनी ने बताया कि न्यूट्रिलाइट के पास 90 वर्षों से अधिक का बॉटनिकल साइंस अनुभव है, जबकि भारत में एमवे की विनिर्माण क्षमता को भी एक दशक से अधिक समय हो चुका है। इसी अनुभव के आधार पर कंपनी आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है।
दो साल में 100 करोड़ रुपये का लक्ष्य
एमवे इंडिया के प्रबंध निदेशक रजनीश चोपड़ा ने कहा कि भारत में पारंपरिक स्वास्थ्य और वेलनेस का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। उनके अनुसार, आयुष और आयुर्वेद को बढ़ावा मिलने के साथ देश में इस क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद से जुड़े नवाचार और विनिर्माण क्षमता में बढ़ोतरी से आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है तथा भारत पारंपरिक वेलनेस के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसी संभावनाओं को देखते हुए कंपनी ने अगले दो वर्षों में न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद को 100 करोड़ रुपये का कारोबार बनाने का लक्ष्य रखा है।
चोपड़ा के मुताबिक, न्यूट्रिलाइट की पोषण विशेषज्ञता, 90 वर्ष से अधिक का बॉटनिकल साइंस अनुभव और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर जोर कंपनी को आयुर्वेदिक उत्पादों के क्षेत्र में विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
गुणवत्ता और ट्रेसेबिलिटी पर जोर
कंपनी का कहना है कि आज उपभोक्ता केवल उत्पाद खरीदने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की उत्पत्ति, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के बारे में भी जानकारी चाहते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों की गुणवत्ता और ट्रेसेबिलिटी पर विशेष जोर दिया गया है। कंपनी के अनुसार, उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच के लिए डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एक्टिव इंग्रेडिएंट टेस्टिंग और सीड-टू-सप्लीमेंट ट्रेसेबिलिटी जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है।
इसके अलावा दूषित तत्वों, भारी धातुओं, माइक्रोबायोलॉजिकल सुरक्षा और प्रमुख मार्कर कंपाउंड्स की एकरूपता की भी कई स्तरों पर जांच की जाती है। कंपनी के मुताबिक, इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य उत्पादों में गुणवत्ता, प्रामाणिकता और एकरूपता बनाए रखना है।
पहले चरण में तीन फॉर्मूलेशन
न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के शुरुआती चरण में तीन प्रमुख फॉर्मूलेशन बाजार में उतारे जा रहे हैं। कंपनी के अनुसार—
- कालमेघ: लिवर के सामान्य कार्य में सहयोग के लिए।
- शिग्रु (मोरिंगा): शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने और सूजन से संबंधित प्रबंधन में मदद के लिए।
- वृक्षाम्ल (गार्सिनिया): मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करने और पेट भरे होने के एहसास को बनाए रखने में मदद के लिए।
कंपनी ने कहा कि इस श्रेणी में शामिल फॉर्मूलेशन न्यूट्रिलाइट की आरएंडडी विशेषज्ञता और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर आधारित हैं तथा निर्धारित गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरते हैं।
आयुष पंजीकृत फॉर्मूलेशन भी शामिल
एमवे के अनुसार, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद श्रृंखला में आयुष पंजीकृत फॉर्मूलेशन भी शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इससे संबंधित नियामकीय ढांचे के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की उसकी प्रतिबद्धता मजबूत होती है।
यह विस्तार कंपनी की ओर से पहले पेश किए गए न्यूट्रिलाइट च्यवनप्राश के अनुभव को आगे बढ़ाता है। कंपनी का कहना है कि नई श्रृंखला के पीछे उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन को वैज्ञानिक गुणवत्ता और परीक्षण प्रक्रियाओं के साथ उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।
8 सितंबर से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे उत्पाद
कंपनी के अनुसार, कालमेघ 449 रुपये, शिग्रु 651 रुपये और वृक्षाम्ल 449 रुपये के एमआरपी पर उपलब्ध होंगे। ये उत्पाद 8 सितंबर 2026 से एमवे के अधिकृत चैनलों, एमवे बिजनेस ओनर्स/डिस्ट्रीब्यूटर्स, एमवे स्टोर्स और कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
एमवे का कहना है कि न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के जरिए पारंपरिक भारतीय वेलनेस ज्ञान को आधुनिक गुणवत्ता मानकों के साथ जोड़ते हुए देश में आयुर्वेद आधारित वेलनेस उत्पादों के लिए भरोसे, पारदर्शिता और प्रामाणिकता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
