एमवे इंडिया की सीएसआर पहल ‘पावर ऑफ 5’ का दूसरा चरण सफल: लखनऊ में 1.50 लाख से अधिक लोग लाभान्वित
लखनऊ: स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती (Health and Wellness) के क्षेत्र में अग्रणी एमवे इंडिया (Amway India) ने बाल कल्याण के लिए काम करने वाली संस्था चाइल्डफंड इंडिया (ChildFund India) के सहयोग से संचालित अपने सामुदायिक पोषण शिक्षा कार्यक्रम ‘पावर ऑफ 5’ (Power of 5) के दूसरे चरण का सफल समापन कर दिया है। 12 महीनों तक चले इस दूसरे चरण की शानदार सफलता के बाद अब इसके तीसरे चरण का भी औपचारिक आगाज कर दिया गया है।
इस पहल के माध्यम से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे चरण से सीधे तौर पर 84 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। वहीं, वर्ष 2024 से लेकर अब तक लखनऊ में इस अभियान से कुल 1.50 लाख से अधिक लोग लाभ पा चुके हैं, जिनमें 14 हजार से ज्यादा बच्चे शामिल हैं।
कुपोषण दर में 67% तक का ऐतिहासिक सुधार
एमवे इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर रजनीश चोपड़ा ने कार्यक्रम के परिणामों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि बच्चों में कुपोषण से निपटने के लिए समुदाय आधारित यह मॉडल बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। दूसरे चरण के तहत प्राप्त प्रमुख सफलताएं इस प्रकार हैं:
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सामान्य श्रेणी में आए बच्चे: कुपोषण के शिकार बच्चों में से कम वजन (Underweight) से प्रभावित 52% तथा उम्र के अनुसार कम लंबाई (Stunting) से प्रभावित 51% बच्चे अब पूरी तरह सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं।
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कमजोरी में सुधार: बच्चों में अत्यधिक कमजोरी यानी वेस्टिंग (Wasting) की समस्या में 14% का बड़ा सुधार दर्ज किया गया है।
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हैज़र्ड रैंकिंग स्कोर: कुपोषण के स्तर को मापने वाला औसत हैज़र्ड रैंकिंग स्कोर 4.16 से भारी गिरावट के साथ 1.38 पर आ गया है, जो सीधे तौर पर 67% के सुधार को दर्शाता है।
व्यवहार परिवर्तन (Behavioral Change) के आए सुखद परिणाम
इस कार्यक्रम के अंतर्गत 1,800 बच्चों की सेहत और आदतों की नियमित रूप से निगरानी (Monitoring) की गई। केवल पोषण ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्यप्रद आदतों और स्वच्छता को लेकर भी बच्चों के व्यवहार में बड़ा बदलाव देखा गया:
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हाथ धोने की आदत: भोजन करने से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत जो पहले मात्र 19% बच्चों में थी, वह बढ़कर 69% हो गई।
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शौच के बाद स्वच्छता: शौच के बाद हाथ धोने का अनुपात 33% से बढ़कर 84% पहुंच गया।
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खेलने के बाद सफाई: बाहर खेलकर लौटने के बाद हाथ-पैर धोने की आदत 12% से बढ़कर 54% हो गई।
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संतुलित आहार: दिन में तीन बार पर्याप्त और संतुलित भोजन (Balanced Diet) ग्रहण करने वाले बच्चों का अनुपात भी 41% से सुधरकर 60% पर पहुंच गया है।
तीसरे चरण का लक्ष्य: अब 'डिजिटल न्यूट्रिशन हब' से संवरेगा भविष्य
चाइल्डफंड इंडिया की डायरेक्टर–प्रोग्राम एंड इम्पैक्ट डॉ. श्राबंती सेन ने आगामी रणनीति साझा करते हुए बताया कि ‘पावर ऑफ 5’ के तीसरे चरण में डिजिटल तकनीक (Digital Technology) का बड़े पैमाने पर समावेश किया जाएगा। इसके तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
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डिजिटल हब का निर्माण: लखनऊ के 10 आंगनवाड़ी केंद्रों और 4 सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक 'डिजिटल न्यूट्रिशन हब' के रूप में अपग्रेड और विकसित किया जाएगा।
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लक्षित समूह: इस डिजिटल पहल से क्षेत्र के 1,600 से अधिक बच्चों के साथ-साथ लगभग 15,000 माताओं और बच्चों की देखभाल करने वाले अभिभावकों को सीधे पोषण व स्वास्थ्य संबंधी डिजिटल जागरूकता दी जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव: वर्ष 2018 में शुरू हुई इस देशव्यापी 'पावर ऑफ 5' पहल के माध्यम से एमवे इंडिया और चाइल्डफंड इंडिया अब तक पूरे भारत में 8.40 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित कर चुके हैं, जिनमें 1.41 लाख से अधिक बच्चे शामिल हैं। दोनों ही संस्थाएं आने वाले समय में देश को कुपोषण मुक्त बनाने के अपने संकल्प पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
