मानवता की मिसाल: संदीप नेचुरोपैथी फाउंडेशन ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के बीच बांटी खुशियां

Example of humanity: Sandeep Naturopathy Foundation distributed happiness among the elderly in old age home.
 
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लखनऊ | डेस्क:समाज सेवा और लोक कल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए संदीप नेचुरोपैथी फाउंडेशनद्वारा राजधानी लखनऊ में एक सराहनीय पहल की गई। फाउंडेशन की ओर से एक स्थानीय वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच खाद्य सामग्री (ईटेबल्स) का वितरण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बेसहारा बुजुर्गों को संबल प्रदान करना और उनके चेहरों पर मुस्कान लाना था।

बुजुर्गों का जाना हाल, परोसी आत्मीयता

फाउंडेशन की टीम ने वृद्धाश्रम का भ्रमण कर वहां रह रहे बुजुर्गों से मुलाकात की। सदस्यों ने न केवल उन्हें खाने-पीने की वस्तुएं भेंट कीं, बल्कि उनके पास बैठकर उनका कुशलक्षेम भी जाना। इस आत्मीय संवाद से भावुक होकर बुजुर्गों ने फाउंडेशन की इस नेक पहल की जमकर सराहना की और पूरी टीम को अपना आशीर्वाद दिया।

सेवा ही परम धर्म: डॉ. कल्पना सिंह

इस विशेष सेवा कार्यक्रम में फाउंडेशन की डायरेक्टर डॉ. कल्पना सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ श्वाती सिंह भी मौजूद रहीं। इस अवसर पर डॉ. कल्पना सिंह ने अपने विचार साझा करते हुए कहा:

"बुजुर्ग हमारे समाज की अनमोल धरोहर हैं। उनकी सेवा और सम्मान करना केवल एक पुण्य कार्य नहीं, बल्कि हमारा नैतिक कर्तव्य है। फाउंडेशन का प्रयास है कि समाज के इस वर्ग को कभी अकेलापन महसूस न होने दिया जाए।"

वहीं, श्वाती सिंह ने बताया कि संदीप नेचुरोपैथी फाउंडेशन भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता से जुड़े सेवा कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।

सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण

यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणा के रूप में सामने आया है, जो यह संदेश देता है कि व्यस्त जीवन के बीच भी असहाय और बुजुर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची मानवता है। फाउंडेशन की इस पहल ने न केवल बुजुर्गों की बुनियादी जरूरतों में सहयोग किया, बल्कि समाज में सेवा भाव को भी प्रोत्साहित किया।

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