अंजुमन मासूमिया हुसैनिया की सालाना शब्बेदारी का समापन, अलविदाई अलम कर्बला दयानात-उद-दौला पहुंचा
लखनऊ, 12 जुलाई 2026। अंजुमन मासूमिया हुसैनिया की दो दिवसीय सालाना शब्बेदारी का समापन अलविदाई अलम के साथ हुआ। मुहर्रम की 27वीं सफर को अलविदाई अलम जनाब ज़ैग़म साहब के अज़ाख़ाने से उठकर कर्बला दयानात-उद-दौला पहुंचा। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और उन्होंने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) तथा शोहदाए कर्बला की महान कुर्बानियों को याद कर खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
समापन अवसर पर आयोजित अलविदाई मजलिस को मशहूर मर्सियाख़्वान जनाब खुर्शीद साहब ने खिताब किया। उन्होंने कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों, उनके त्याग और इंसानियत के लिए दिए गए संदेश को याद करते हुए अकीदतमंदों को संबोधित किया।
अंजुमन मासूमिया हुसैनिया के सेक्रेटरी जनाब ताज अब्बास ने बताया कि दो दिनों तक चली सालाना शब्बेदारी में लखनऊ की 18 अंजुमनों ने हिस्सा लिया। विभिन्न अंजुमनों ने सलाम और नौहाख़्वानी के माध्यम से बीबी फातिमा ज़हरा (स.अ.) को उनके लाल हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) का पुरसा पेश किया।
उन्होंने कहा कि शब्बेदारी का उद्देश्य कर्बला के पैगाम, इमाम हुसैन (अ.स.) की महान कुर्बानी और उनके बताए हुए रास्ते को याद करना है। कार्यक्रम के दौरान अकीदतमंदों ने पूरी अकीदत और एहतराम के साथ नौहाख़्वानी और मातम में हिस्सा लिया।शब्बेदारी के समापन पर विभिन्न अंजुमनों और अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन (अ.स.) एवं शोहदाए कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही अमन, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
