एसकेडी अकादमी में वार्षिक समारोह 2026 का रंगारंग आगाज, विद्यार्थियों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक
नृत्य, संगीत, नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां; मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय)। एसकेडी अकादमी में वार्षिक समारोह 2026 का शुभारंभ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, नाटक और विभिन्न रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता, प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों को अभिभावकों और उपस्थित अतिथियों ने सराहा।
कार्यक्रम के जूनियर हाई स्कूल परिसर में मुख्य अतिथि के रूप में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ की सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। वहीं, ISC शाखा, राजाजीपुरम में आयोजित समारोह में शिक्षाविद्, मेंटर एवं काउंसलर डॉ. प्रीति सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक मनीष सिंह, उपनिदेशिका श्रीमती निशा सिंह और सहायक निदेशिका श्रीमती कुसुम बत्रा भी मौजूद रहीं।
रचनात्मकता और नवाचार से निखरेगा विद्यार्थियों का भविष्य
अपने संबोधन में मनीष सिंह ने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही प्रदर्शन कला और दृश्य कला से जोड़ना जरूरी है। कला से जुड़ी गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, नवाचार, भावनात्मक समझ, सामाजिक समरसता और आत्मविश्वास को विकसित करने में मदद करती हैं।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के बढ़ते प्रभाव से आने वाले समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदलने वाला है। ऐसे दौर में विद्यार्थियों की प्रतिभा का आकलन केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी कल्पनाशीलता, नए विचार विकसित करने की क्षमता और नवाचार भी महत्वपूर्ण होंगे।
मनीष सिंह ने कहा कि विद्यालयों का उद्देश्य बच्चों को आत्मविश्वासी, रचनात्मक और सक्षम वैश्विक नागरिक बनाना होना चाहिए। वार्षिक समारोह जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और मंच पर स्वयं को अभिव्यक्त करने का अवसर देते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने इस प्रक्रिया में विद्यालय के साथ अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता को भी महत्वपूर्ण बताया।
सर्वांगीण विकास पर विद्यालय का जोर
समारोह एसकेडी अकादमी की उस शैक्षणिक सोच को प्रदर्शित करता है, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता दी जाती है। विद्यालय का प्रयास है कि बच्चे शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ आत्मविश्वासी, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ें।कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
