अपराजिता अवॉर्ड: संघर्षों को मात देकर सफलता का शिखर चूमने वाली गीता गुप्ता और सुनीता चटर्जी सम्मानित
इन शख्शियतों को मिला सम्मान
समारोह में संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल (महिला प्रकोष्ठ) की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती गीता गुप्ता और जिला अध्यक्ष श्रीमती सुनीता चटर्जी को प्रतिष्ठित 'अपराजिता अवॉर्ड' से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें समाज और संगठन में उनके द्वारा किए गए असाधारण कार्यों के लिए दिया गया है।
पुरस्कार का महत्व: क्यों मिला यह सम्मान?
यह अवॉर्ड केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उन महिलाओं की जीत का प्रतीक है जो बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों का सामना करते हुए भी पीछे नहीं हटतीं। वक्ताओं ने गीता गुप्ता और सुनीता चटर्जी के जीवन की सराहना करते हुए कहा कि:
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उन्होंने अपने नेतृत्व कौशल से समाज में नारी शक्ति की नई मिसाल पेश की है।
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उनका जीवन उन महिलाओं के लिए मार्गदर्शक है जो संघर्षों के बीच अपना रास्ता खोज रही हैं।
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सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता ने संगठन को नई ऊंचाइयां दी हैं।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
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उद्देश्य: महिलाओं की आत्मनिर्भरता और उनकी सफलता की प्रेरक कहानियों को दुनिया के सामने लाना।
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अतिथि: समारोह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिला उद्यमी और शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
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संदेश: मंच से यह संदेश दिया गया कि साहस और धैर्य के साथ हर मुश्किल को सफलता में बदला जा सकता है।

संघर्ष से सफलता' जैसे आयोजन समाज में यह विश्वास पैदा करते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बन सकतीं। गीता गुप्ता और सुनीता चटर्जी का यह सम्मान लखनऊ की हर संघर्षरत महिला का सम्मान है।


