अपना दल (एस) ने कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
अपना दल (एस) के हरदोई जिला कार्यालय, बघौली चौराहे पर बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक एवं बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष एवं बरौली के ग्राम प्रधान राजेंद्र गौतम के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कांशीराम के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर राजेंद्र गौतम ने कांशीराम के जीवन, उनके सामाजिक संघर्ष और बहुजन समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपने जीवन में दलितों, पिछड़े वर्गों और वंचित समुदायों को संगठित करने तथा उन्हें सामाजिक और राजनीतिक रूप से जागरूक बनाने के लिए काम किया।
BAMCEF से बहुजन समाज पार्टी तक का सफर
राजेंद्र गौतम ने बताया कि कांशीराम ने सामाजिक संगठन के माध्यम से वंचित वर्गों को एकजुट करने का प्रयास किया। वर्ष 1978 में BAMCEF के गठन के जरिए उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक समुदायों के शिक्षित कर्मचारियों को संगठित करने की दिशा में काम किया। इस संगठन का उद्देश्य आंबेडकरवादी विचारधारा और सामाजिक परिवर्तन के विचारों को आगे बढ़ाना था।
उन्होंने बताया कि कांशीराम ने 14 अप्रैल 1984 को बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की। इसके माध्यम से उन्होंने बहुजन समाज की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने का प्रयास किया। कांशीराम लोकसभा के सदस्य भी रहे और देश की राजनीति में बहुजन आंदोलन को एक नई पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कांशीराम का जीवन सामाजिक समानता, अधिकारों के प्रति जागरूकता और वंचित समुदायों की भागीदारी के लिए संघर्ष का प्रतीक है। उनके विचारों और प्रयासों को याद करते हुए कार्यकर्ताओं ने सामाजिक एकता और जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष राजेश वर्मा, ग्राम प्रधान ओमप्रकाश, गुड्डू कश्यप सहित पार्टी के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने कांशीराम के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

