एशियन फ़ुटवियर्स: भारत का सबसे पसंदीदा घरेलू फ़ुटवियर ब्रांड बनने की ओर
लखनऊ: एशियन फ़ुटवियर्स, भारत का तेजी से उभरता हुआ स्वदेशी जूता ब्रांड, किफ़ायती और टिकाऊ फुटवियर के क्षेत्र में बड़ी बदलावकारी भूमिका निभा रहा है। भारत में आज भी एक व्यक्ति साल में औसतन मात्र 1.5 जोड़ी जूते खरीदता है, जबकि वैश्विक औसत 6–8 जोड़ी के बीच है। ऐसे में घरेलू फुटवियर बाजार में भारी संभावनाएं हैं, और एशियन फ़ुटवियर्स इन्हीं अवसरों को अवसरों को साकार करने के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है।
भारत के फुटवियर बाजार में तेज़ी
2024 में भारतीय फुटवियर उद्योग का आकार 18.77 अरब डॉलर रहा, और अनुमान है कि 2033 तक यह दोगुने से अधिक हो जाएगा। शहरीकरण की रफ्तार, बदलती लाइफस्टाइल और टियर-2 व टियर-3 शहरों से बढ़ती मांग इस उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही है। एशियन फ़ुटवियर्स इसी परिवर्तन को गति देने के लिए बेहतर गुणवत्ता, बजट-फ्रेंडली कीमतों और नए-युग के डिज़ाइनों पर ज़ोर दे रहा है।
व्यापक विस्तार की तैयारी
कंपनी पूरे देश में अपना नेटवर्क मजबूत कर रही है। एशियन फ़ुटवियर्स 1,00,000 मल्टी-ब्रांड रिटेल स्टोर्स तक अपनी पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके साथ ही 100 एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट (EBO) खोलने की तैयारी भी चल रही है। कंपनी दो नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित कर रही है, जिससे हर साल उत्पादन क्षमता में एक करोड़ जोड़ी जूतों की बढ़ोतरी होगी। फिलहाल कंपनी का फोकस उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात—पर है, जहां फुटवियर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
कंपनी की दृष्टि
एशियन फ़ुटवियर्स के सीईओ आयुष जिंदल का कहना है:हमारा लक्ष्य है कि एशियन फ़ुटवियर्स भारत का सबसे विश्वसनीय और पसंदीदा घरेलू फुटवियर ब्रांड बने। हम इनोवेशन और उच्च गुणवत्ता को सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। छोटे शहरों से हमें बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है, और ई-कॉमर्स ने हमारी पहुंच को और बढ़ाया है।
उन्होंने आगे बताया कि बड़े शहरों में विदेशी ब्रांडों से प्रतियोगिता जरूर है, लेकिन एशियन फ़ुटवियर्स स्टाइल, कम्फर्ट और मजबूती को लगभग ₹1,500 की किफायती रेंज में उपलब्ध करा रहा है, जिससे ग्राहकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
