एमएसएमई एवं स्व-रोजगार योजनाओं से जोड़े जाएंगे इच्छुक दिव्यांगजन
06 से 13 फरवरी तक प्रदेश भर में चलेगा “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0”
सर्वाधिक रोजगार देने वाले शीर्ष 05 जनपद होंगे सम्मानित
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि अभियान के तहत विगत तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई से प्रशिक्षित ऐसे अर्ह एवं इच्छुक दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ा जाएगा, जो वर्तमान में जनपदों में उपलब्ध हैं। साथ ही अन्य इच्छुक दिव्यांगजन भी इस अभियान का लाभ ले सकेंगे।
अभियान के दौरान जनपदों में स्थित औद्योगिक इकाइयों एवं अन्य अधिष्ठानों में उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष दिव्यांगजनों का सेवायोजन कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त एमएसएमई, जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र तथा अन्य विभागों की स्व-रोजगार योजनाओं से भी दिव्यांगजनों को जोड़ा जाएगा।
प्रत्येक जनपद में यह अभियान मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला रोजगार सहायता अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक सदस्य होंगे। निर्धारित अवधि में राजकीय आईटीआई को केंद्र बनाकर सेवायोजन एवं स्व-रोजगार से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत इच्छुक दिव्यांगजनों को भी अभियान में सम्मिलित किया जाएगा तथा जिला रोजगार सहायता अधिकारी के माध्यम से उन्हें उपलब्ध रिक्तियों पर नियोजित कराया जाएगा। उन्होंने जनपद स्तर पर अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। अभियान के सफल क्रियान्वयन पर सर्वाधिक सेवायोजन एवं स्व-रोजगार उपलब्ध कराने वाले प्रदेश के शीर्ष 05 जनपदों के जिलाधिकारी एवं उनकी टीम को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।
