गांधी-शास्त्री जयंती पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में श्रद्धांजलि और संगोष्ठी

Tribute and seminar at the state Congress headquarters on Gandhi-Shastri Jayanti.
 
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लखनऊ, 2 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मसूरिया दिन पासी की जयंती शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश मुख्यालय नेहरू भवन में मनाई गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के चेयरमैन एच.एल. दुसाध के संयोजन में व्याख्यान एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. कामराज नाडार की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

 

 

 

 

 

 

कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में सेवादल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा के समक्ष बैठकर रामधुन का आयोजन किया।

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इसके उपरांत मीडिया सभागार में महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और मसूरिया दिन पासी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इसके बाद आयोजित संगोष्ठी में कांग्रेस नेताओं और वक्ताओं ने महात्मा गांधी के विचारों, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह ने किया।


गांधी भारतीय राजनीति को जनाभिमुख बनाने वाले प्रमुख व्यक्तित्व : प्रो. सतीश राय
मुख्य वक्ता के रूप में राजीव गांधी स्टडी सर्कल के राष्ट्रीय समन्वयक एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के राजनीति विज्ञानी प्रो. सतीश कुमार राय ने कहा कि लोकमानस में महात्मा गांधी आधुनिक भारत के गणतंत्रात्मक भाव-वितान के प्रमुख प्रतीक रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय राजनीति जनाभिमुख हुई और स्वतंत्रता आंदोलन व्यापक जनआंदोलन में परिवर्तित हुआ।

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प्रो. राय ने कहा कि गांधी केवल अतीत का हिस्सा नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी प्रासंगिक हैं। उनके अनुसार सत्याग्रह लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण अवधारणा है। उन्होंने गांधी को भारतीय संस्कृति के आदर्श प्रतिनिधि के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि गांधी के राजनीतिक जीवन में धर्मनिष्ठा और धर्मनिरपेक्ष राजनीति के तत्वों का समन्वय दिखाई देता है।


उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम निर्णायक मुकाम तक पहुंचा। संविधान निर्माण के संदर्भ में उन्होंने गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर के बीच राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद और समन्वय के पहलुओं का उल्लेख किया।
प्रो. राय ने कहा कि बड़े लोगों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद आवश्यक नहीं है। उन्होंने गांधी और डॉ. आंबेडकर के बीच मतभेदों के बावजूद पूना समझौते से लेकर संविधान निर्माण तक हुए संवाद और समन्वय को भारतीय लोकतांत्रिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।


कांग्रेस नेताओं ने रखे विचार
संगोष्ठी को पूर्व मंत्री राजबहादुर, पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय, विचार विभाग के वाइस चेयरमैन सुरेन्द्र यादव, प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान महासचिव जयकरन वर्मा और कंट्रोल रूम प्रभारी विजय बहादुर सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।


कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राजबहादुर, डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय, सुरेन्द्र यादव, जयकरन वर्मा, अरशी रजा, रमेश मिश्रा, पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. शहजाद आलम, सुशील तिवारी, सोनू पंडित, सिद्धिश्री, अनामिका यादव, नरेश वाल्मीकि, सत्यदेव सिंह, संजय सिंह, शमशाद आलम, राकेश पाण्डेय, जैनब हैदर, सुशीला शर्मा, अनिल शुक्ला, शीला मिश्रा, विशम सिंह, सुशील वाल्मीकि, रजनीश यादव, बबिता मिश्रा, सुमन प्रजापति, विभा त्रिपाठी, शिफा खान, दुर्गा देवी, अजीत मौर्य, मो. शब्बीर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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