Awadh Bar Association Election: वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए अधिवक्ता कीर्ति श्रीवास्तव ने ठोकी दावेदारी, वकीलों के हितों और बार की गरिमा को बताया प्राथमिकता
संगठनात्मक अनुभव और बार में नेतृत्व
अधिवक्ता कीर्ति श्रीवास्तव का बार एसोसिएशनों के संगठनात्मक ढांचे में लंबा और सफल अनुभव रहा है लखनऊ बार एसोसिएशन वर्ष 2001 में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) और वर्ष 2004 में उपाध्यक्ष (Vice President) के रूप में दायित्वों का कुशल निर्वहन। अवध बार एसोसिएशन (हाईकोर्ट लखनऊ) वर्ष 2011-12 में उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित होकर हाईकोर्ट बार का नेतृत्व किया। पिछले दो वर्षों से वे वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारियों और बार की गतिविधियों में निरंतर सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं।
15 वर्षों तक यूपी सरकार की स्थायी अधिवक्ता और व्यापक विधिक अनुभव
कीर्ति श्रीवास्तव का विधिक और पेशेवर सफर अत्यंत समृद्ध रहा है:
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स्थायी अधिवक्ता (Standing Counsel): उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन में लगभग 15 वर्षों तक स्थायी अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
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विधिक सलाहकार: लखनऊ के प्रतिष्ठित 'सिटी मोंटेसरी स्कूल' (CMS) में विधिक सलाहकार के पद पर कार्य किया।
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लोक अदालत एवं एमिकस क्यूरी: वर्तमान में वे उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ से संबद्ध लोक अदालत की सदस्य हैं और विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) के रूप में न्यायालय को निष्पक्ष सहयोग प्रदान कर रही हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वादकारियों को न्याय दिलाने में मदद मिलती है।
महिला आरक्षण नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का सशक्त संदेश"
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कीर्ति श्रीवास्तव ने कहा वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद का महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित होना विधिक जगत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक संदेश है। मेरा उद्देश्य बार की गरिमा को अक्षुण्ण रखना, युवा व वरिष्ठ वकीलों के हितों की रक्षा करना और न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।" उन्होंने अपने विधिक, प्रशासनिक और सांगठनिक अनुभव को आधार बनाते हुए अवध बार एसोसिएशन के सभी विद्वान अधिवक्ताओं से आगामी चुनाव में समर्थन और सामूहिक सहयोग का आह्वान किया है।
