सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल में पॉक्सो अधिनियम पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
कार्यशाला की विशेषज्ञ वक्ता डॉ. सौम्यता पाण्डेय (सरकार द्वारा प्रमाणित प्रशिक्षक एवं सलाहकार) ने बताया कि POCSO (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) अर्थात "बालकों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012" 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक शोषण, उत्पीड़न एवं अन्य यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कानून है। उन्होंने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, ऑनलाइन सुरक्षा, आत्म-सुरक्षा के उपाय तथा किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना भय के विश्वसनीय व्यक्ति से संवाद करने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला को संवादात्मक एवं गतिविधि-आधारित बनाया गया, जिसमें सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। डॉ. पाण्डेय ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है तथा किसी भी असहज स्थिति में तुरंत सहायता लेना आवश्यक है।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन श्री महेश अग्रवाल ने कहा कि छात्रों को स्वस्थ, सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. श्रीमती रीना पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा उनके मानसिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण को विद्यालय सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्या डॉ. रीना पाठक ने डॉ. सौम्यता पाण्डेय का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
