एक्सीलिया स्कूल ने ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह को जन्मदिन पर किया श्रद्धापूर्वक स्मरण
Excellia School pays tribute to 'Flying Sikh' Milkha Singh on his birthday
Thu, 20 Nov 2025
लखनऊ। एक्सीलिया स्कूल में महान एथलीट ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह के जन्मदिवस को सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। 20 नवंबर 1929 को गोविंदपुरा (पंजाब), जो अब पाकिस्तान में है, जन्मे इस महान धावक के प्रेरणादायक जीवन को विद्यालय ने विशेष आयोजनों के माध्यम से याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि और विशेष प्रार्थना से
दिन की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें छात्रों ने मिल्खा सिंह के जीवन संघर्ष, उपलब्धियों और देशप्रेम पर आधारित विचार प्रस्तुत किए। कक्षा 9-ए के छात्र हरजोत सिंह नंदा ने मिल्खा सिंह का रूप धारण कर प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिसे सभी ने सराहा।
प्रधानाचार्या द्वारा श्रद्धांजलि
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मीनू श्रीवास्तव ने मिल्खा सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि—
“मिल्खा सिंह केवल एक विश्वस्तरीय धावक ही नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और देशभक्ति की जीवंत मिसाल हैं। हर छात्र को उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए।”
विद्यालय से जुड़ी अमूल्य स्मृतियाँ
एक्सीलिया विद्यालय के लिए 16 दिसंबर 2018 एक यादगार दिवस रहा, जब स्वयं मिल्खा सिंह स्कूल पधारे थे। उनके सम्मान में लिए गए पदचिह्न आज भी विद्यालय परिसर में सुरक्षित हैं और प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। स्कूल के विभिन्न भवनों और दीवारों पर उनके आगमन की स्मृतियाँ संजोई गई हैं।
खेल शाखा की प्रेरक प्रस्तुति
विद्यालय की खेल शाखा ने मिल्खा सिंह के जीवन पर आधारित एक प्रभावशाली नाट्य-प्रस्तुति दी, जिसमें उनके संघर्ष, कठिनाइयों, समर्पण और भारत के प्रति उनके प्रेम को दर्शाया गया। छात्रों ने “मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास” जैसे मूल्यों पर छोटे-छोटे भाषण भी प्रस्तुत किए।
मिनी रनिंग इवेंट बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे रोमांचक हिस्सा रहा ‘मिनी रनिंग इवेंट’, जिसमें विभिन्न कक्षाओं के छात्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस गतिविधि ने मिल्खा सिंह की स्प्रिंटिंग स्पिरिट को जीवंत कर दिया। खेल शिक्षक ने बच्चों को समझाया कि—
“मिल्खा सिंह की तरह हमें भी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहना चाहिए और लगातार अभ्यास करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए। यह आयोजन छात्रों के लिए प्रेरणा, उत्साह और अनुशासन का संदेश लेकर आया, जो मिल्खा सिंह के अदम्य जीवन को फिर से स्मृतियों में उजागर कर गया।
