अयोध्या राम मंदिर दान प्रबंधन मामला: एसआईटी (SIT) जांच में पूर्ण सहयोग कर रहा है भारतीय स्टेट बैंक
लखनऊ। अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम मंदिर में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक समय से ही देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) को सभी आवश्यक बैंकिंग सेवाएं और वित्तीय प्रबंधन की सुविधाएं प्रदान कर रहा है।
हाल ही में मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त होने वाली सहयोग राशि और दान के प्रबंधन में कुछ कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
एसआईटी जांच पर एसबीआई का आधिकारिक रुख
इस पूरे मामले को लेकर भारतीय स्टेट बैंक के स्थानीय प्रधान कार्यालय, लखनऊ द्वारा एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह जांच प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शी रुख अपना रहा है।
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पूर्ण सहयोग की प्रतिबद्धता: एसबीआई प्रबंधन ने बताया कि जांच दल (SIT) द्वारा अब तक मांगी गई सभी वित्तीय जानकारियों और दस्तावेजों को उपलब्ध कराकर जांच में पूरा सहयोग किया गया है।
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भविष्य में भी पारदर्शिता: बैंक ने यह भी दोहराया है कि इस मामले में आगे होने वाली किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक जांच में बैंक पूरी प्रतिबद्धता के साथ एसआईटी का सहयोग करना जारी रखेगा।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| विषय | राम मंदिर दान प्रबंधन की जांच |
| बैंकिंग पार्टनर | भारतीय स्टेट बैंक (स्थानीय प्रधान कार्यालय, लखनऊ) |
| सेवा प्रदाता | श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) के लिए |
| जांच एजेंसी | उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) |
| बैंक का स्टैंड | जांच में पूरी पारदर्शिता और पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता |
देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े श्रीराम मंदिर के वित्तीय प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह जांच बेहद महत्वपूर्ण है। देश के सबसे प्रतिष्ठित बैंक एसबीआई द्वारा जांच में सहयोग का आश्वासन इस प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय बनाता है।
