अयोध्या: RTO का ट्रांसपोर्टर्स को कड़ा संदेश; लंबी दूरी की बसों में 2 ड्राइवर अनिवार्य, मानकों की अनदेखी पर रद्द होगा फिटनेस
सुरक्षा सर्वोपरि: लंबी दूरी की गाड़ियों के लिए नए नियम
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से आरटीओ ने स्पष्ट किया कि लंबी दूरी की गाड़ियों में अब अनिवार्य रूप से 02 ड्राइवर रखने होंगे।
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थकान और नींद से बचाव: ड्राइवरों के काम के घंटे निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि थकान और नींद के कारण ही अधिकांश दुर्घटनाएं होती हैं।
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इमरजेंसी गेट की अनिवार्यता: 12 मीटर तक की बसों में 04 और उससे लंबी बसों में 05 इमरजेंसी दरवाजे होना अनिवार्य है। मानकों के विरुद्ध अतिरिक्त सीटें या स्लीपर लगवाना यात्रियों की जान से खिलवाड़ माना जाएगा।
तकनीकी मानक और फिटनेस पर सख्ती
बैठक में संभागीय निरीक्षक (RI) ने बसों के गैंगवे की चौड़ाई और अन्य तकनीकी मानकों की जानकारी दी। आरटीओ ने निर्देश दिया कि:
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AIS-052 और AIS-119 मानकों का स्कूल और स्लीपर बसों में सख्ती से पालन हो।
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मानक के विरुद्ध पाए जाने वाले वाहनों के पंजीयन और फिटनेस तत्काल निरस्त किए जाएंगे।
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बसों में पैनिक बटन और HSRP नंबर प्लेट का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य है।
ऑनलाइन कर भुगतान और बकाया वसूली
राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आरटीओ ने बकाया कर जमा करने पर जोर दिया। वाहन स्वामी अब घर बैठे parivahan.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन कर जमा कर सकते हैं। अनफिट और बकाया कर वाले वाहनों को नोटिस जारी कर जिला प्रशासन के माध्यम से आरसी (RC) की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिचौलियों से रहें सावधान
ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य कार्यों के लिए आरटीओ ने अनाधिकृत व्यक्तियों (बिचौलियों) के चंगुल में न फंसने की हिदायत दी। उन्होंने कमर्शियल लाइसेंस के लिए ड्राइविंग स्कूलों द्वारा निर्धारित फीस की जानकारी भी साझा की। व्यावसायिक वाहनों पर वाहन स्वामी और चालक का नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर अंकित होना अनिवार्य कर दिया गया है।
बैठक की मुख्य बातें:
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आयोजक: ऋतु सिंह (आरटीओ प्रशासन, अयोध्या)।
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प्रमुख उपस्थिति: आरआई राजीव कुमार, ट्रांसपोर्टर रविन्द्र यादव, सतीश वर्मा एवं परिवहन निगम के प्रतिनिधि।
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सख्त निर्देश: मूल ढांचे से छेड़छाड़ करने वाले अवैध स्लीपर और सीटें तत्काल हटाएं।
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अभियान: प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा मानक विरूद्ध वाहनों के खिलाफ निरंतर चेकिंग अभियान जारी रहेगा।
अयोध्या परिवहन विभाग की यह पहल न केवल राजस्व वृद्धि में सहायक होगी, बल्कि सुरक्षित सफर के संकल्प को भी धरातल पर उतारेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों पर अब विभाग की पैनी नजर है।

