सवर्ण समाज के साथ अन्याय का आरोप, आजाद मंच भारत ने उठाई आयोग गठन और प्रतिनिधित्व की मांग
लखनऊ।आजाद मंच भारत की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रागिनी अवस्थीने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद सत्ता में रही विभिन्न सरकारों ने सवर्ण समाज के हितों की उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनाव के दौरान सवर्ण समाज का समर्थन प्राप्त किया, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए।
रागिनी अवस्थी ने दावा किया कि शिक्षा, रोजगार, कानून, राजनीति, सामाजिक सम्मान और आर्थिक योजनाओं जैसे क्षेत्रों में सवर्ण समाज के साथ भेदभाव हुआ है। उनके अनुसार मेधावी विद्यार्थियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलीं, सरकारी नौकरियों में अवसर सीमित रहे, झूठे मुकदमों का भय बना रहा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व कम मिला तथा सरकारी योजनाओं का लाभ भी अपेक्षाकृत कम प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि आजाद मंच भारत की प्रमुख मांगों में स्वर्ण आयोग का गठन और उसके लिए बजट का प्रावधान, आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन, झूठे मुकदमों पर रोक लगाने के लिए कानूनी संशोधन तथा राजनीति में सवर्ण समाज को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना शामिल है।

रागिनी अवस्थी ने चेतावनी दी कि यदि सरकारों ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सवर्ण समाज राजनीतिक विकल्पों पर पुनर्विचार करेगा। यह समाचार संबंधित संगठन की ओर से जारी बयान पर आधारित है। इसमें किए गए आरोप और दावे संगठन के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
