Bada Mangal 2026: 'हनुमान जी की साधना से मिलता है अमरता का आशीर्वाद'; छठे बड़े मंगल पर कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, बंटा छोला-भटूरा और शिकंजी

Bada Mangal 2026: 'Worshipping Hanuman Ji brings the blessing of immortality'; devotees thronged the Kotwaleshwar Mahadev Temple on the sixth Bada Mangal, where Chhola-Bhatura and Shikanji were distributed.
 
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लखनऊ, 09 जून 2026:

नवाबी नगरी लखनऊ की अनूठी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बन चुके 'बड़े मंगल' पर्व की धूम हर तरफ देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर चौक कोतवाली स्थित ऐतिहासिक श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर बजरंगबली के जयकारों से गुंजायमान रहा।

सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। पर्व के उपलक्ष्य में पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भोर में पुरोहितों द्वारा पवनपुत्र हनुमान जी का विशेष शृंगार कर उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित किया गया, जिसके बाद आम भक्तों के लिए दर्शन खोल दिए गए।

शिवलिंग पर जलाभिषेक और हनुमान पूजा से दूर होती है नकारात्मकता: महंत विशाल गौड़

धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मंदिर के महंत विशाल गौड़ ने उपस्थित भक्तों को बड़े मंगल के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने ज्ञान और भक्ति का संदेश देते हुए कहा:बड़ा मंगल का यह पवित्र पर्व भगवान हनुमान जी की विशेष कृपा और आशीर्वाद पाने का सबसे उत्तम अवसर है। हनुमान जी की सच्ची पूजा और साधना से साधक को अमरत्व (अमरता) का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जो व्यक्ति प्रतिदिन शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक करता है और हनुमान जी की आराधना करता है, उसके भीतर असीम सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है और जीवन से सभी नकारात्मक शक्तियों व दुखों का नाश हो जाता है।"

महंत जी ने आधुनिक दौर में अभिभावकों को प्रेरित करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही कि हमें अपने बच्चों को केवल स्कूली या आधुनिक शिक्षा देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बच्चों को बचपन से ही अपनी समृद्ध धार्मिक शिक्षाओं और संस्कारों का ज्ञान भी देना चाहिए, ताकि वे किसी भी अनुचित रास्ते पर भटकने के बजाय सन्मार्ग (सत्य के रास्ते) पर चलें और आगे चलकर अपने परिवार व देश का नाम रोशन करें।

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महंत जी ने स्वयं परोसा छोला-भटूरा और ठंडी शिकंजी; लगा भव्य भंडारा

श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों के विशेष सहयोग से मंदिर परिसर के बाहर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे की सबसे खास बात यह रही कि महंत विशाल गौड़ ने स्वयं मुख्य मोर्चे पर रहकर सेवादारों की तरह भक्तों को प्रसाद वितरित किया।

भीषण गर्मी को देखते हुए भंडारे के मैन्यू में विशेष बदलाव किए गए थे। श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद के रूप में गरमा-गरम छोला-भटूरा, छोला-चावल, पूड़ी-सब्जी के साथ-साथ राहत देने के लिए ठंडी छाछ और शिकंजी का बड़े पैमाने पर वितरण किया गया। दोपहर से लेकर देर शाम तक हजारों लोगों ने कतारबद्ध होकर बेहद अनुशासित ढंग से प्रभु का महाप्रसाद ग्रहण किया।

भव्य आरती और संकीर्तन से राममय हुई शाम

सूरज ढलने के बाद शाम को मंदिर परिसर में एक भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें चौक क्षेत्र के सैकड़ों स्थानीय नागरिक और व्यापारी शामिल हुए। आरती के उपरांत देर रात तक चले भक्तिमय कीर्तन और भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। सेवा और भक्ति के इस अद्भुत संगम ने छठे बड़े मंगल को बेहद अलौकिक बना दिया।

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