बदायूं: विवेकानंद मंदिर विद्यालय में मेधावियों का सम्मान, हिंदी एवं वैदिक मूल्य ओलंपियाड के विजेताओं को मिले नकद पुरस्कार

Budaun: Meritorious Students Honored at Vivekananda Mandir School; Winners of Hindi and Vedic Values ​​Olympiad Receive Cash Prizes.
 
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बदायूं | 12 अप्रैल 2026: भारतीय संस्कृति, भाषा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विवेकानंद मंदिर विद्यालय, बदायूं में 'हिंदी एवं वैदिक मूल्य ओलंपियाड' के पुरस्कार वितरण समारोह का गरिमामयी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 120 छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया।

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पदकों और नकद पुरस्कारों की बौछार

ओलंपियाड में जिले भर के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कड़े मुकाबले के बाद कुल 25 मेधावियों को पदक प्रदान किए गए, जिनमें शामिल हैं:

  • 09 स्वर्ण पदक (Gold Medals)

  • 08 रजत पदक (Silver Medals)

  • 08 कांस्य पदक (Bronze Medals)

विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ-साथ आधिकारिक प्रमाण पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

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शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम

समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. एस. डी. शर्मा ने अपने संबोधन में 'माइंडजेन ओलंपियाड' की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और संस्कारों का हर गांव तक पहुँचना अनिवार्य है। यह ओलंपियाड बच्चों में नैतिकता और भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व की भावना जगाने का एक सशक्त माध्यम है।"

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विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य अमित कुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर शिक्षा और समाज सेवा क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें वरिष्ठ शिक्षाविद रामेश्वर दयाल शर्मा, चुन्नी लाल शर्मा, अनिल द्विवेदी और दुष्यंत कुमार शर्मा शामिल थे। साथ ही डॉ. पंकज पाठक, विनोद कुमार और जगदीप कुमार शर्मा ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। माइंडबेंज़ ओलंपियाड्स की डायरेक्टर डॉ. मीनू अरोड़ा और मैनेजिंग डायरेक्टर अनिरुद्ध टंडन ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और बच्चों को निरंतर सीखने की प्रेरणा दी।

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

पुरस्कार वितरण के साथ-साथ विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिसने उपस्थित अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों का मन मोह लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदी भाषा और वैदिक ज्ञान बच्चों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के लिए अत्यंत आवश्यक है

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