Baghpat Youth Power: बागपत के युवाओं ने दुनिया को दिया पर्यावरण का मूलमंत्र 'नेचर नीड्स यू' अभियान से जुड़े 18 देशों के 10 हजार से अधिक लोग
बागपत, 07 जून 2026: अक्सर जब भी पर्यावरण संकट या जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की बात होती है, तो हमारा ध्यान बड़े-बड़े उद्योगों, कंक्रीट के जंगलों और वाहनों से निकलने वाले धुएं की ओर जाता है। लेकिन, उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के युवाओं ने दुनिया का ध्यान एक ऐसे कड़वे सच की ओर खींचा है, जिसे हम सब रोज नजरअंदाज करते हैं।
'माय भारत' (MY Bharat) केंद्र बागपत से जुड़े उड़ान यूथ क्लब ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘नेचर नीड्स यू’ (Nature Needs You) नामक एक अनूठा अंतर्राष्ट्रीय अभियान शुरू किया। इस मुहिम ने इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से देखते ही देखते एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले लिया, जिससे भारत सहित 18 देशों के 10,755 लोग सीधे तौर पर जुड़े।
हमारी ये 5 'छोटी आदतें' बन रहीं पृथ्वी के लिए काल
'क्लाइमेट कार्डिनल्स यूवाईसी इंडिया चैप्टर' के माध्यम से संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि पर्यावरण का पतन किसी एक बड़ी घटना से नहीं, बल्कि हमारी उन छोटी-छोटी दैनिक आदतों से हो रहा है जिन्हें दुनियाभर में करोड़ों लोग हर दिन दोहराते हैं। अभियान के दौरान मुख्य रूप से इन 5 आदतों पर प्रहार किया गया:
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पानी की बेरहमी से बर्बादी: ब्रश करते, गाड़ी धोते या दैनिक कार्यों में जरूरत से ज्यादा पानी बहाना।
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अंधाधुंध खरीदारी (Over-consumption): बिना आवश्यकता के केवल विज्ञापनों के प्रभाव में आकर सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना।
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सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का मोह: बाजार में हर छोटी चीज के लिए प्लास्टिक थैलियों और डिस्पोजेबल वस्तुओं का लगातार उपयोग।
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फास्ट फैशन (Fast Fashion): कपड़ों को बहुत जल्दी-जल्दी बदलना और फेंकना, जिससे टेक्सटाइल कचरा वैश्विक समस्या बन रहा है।
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प्रकृति से बढ़ती दूरी: अपनी व्यस्त जीवनशैली के कारण पेड़-पौधों और प्राकृतिक परिवेश से पूरी तरह कट जाना।
ऑनलाइन क्विज और 'ग्लोबल फोटो कोलाज' ने बटोरी सुर्खियां
युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने के लिए डिजिटल तकनीक का बेहतरीन उपयोग किया गया:
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अवेयरनेस क्विज (Online Quiz): अभियान के तहत एक विशेष ऑनलाइन जागरूकता क्विज का आयोजन किया गया। इसमें रोजमर्रा की जिंदगी और पर्यावरण के अंतर्संबंधों से जुड़े व्यावहारिक सवाल पूछे गए थे।
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डिजिटल प्रमाणपत्र: क्विज में पूरे अंक हासिल करने वाले मेधावी प्रतिभागियों को डिजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
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नेचर नीड्स यू चैंपियंस: अलग-अलग देशों से चुनी गई पर्यावरण-हितैषी युवाओं की तस्वीरों को एक 'ग्लोबल फोटो कोलाज' में शामिल किया गया। सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स) पर इन कोलाजों और प्रमाणपत्रों को सैकड़ों लोगों ने गर्व के साथ साझा किया, जिससे यह मुहिम वायरल हो गई।
"लाखों बार दोहराया गया छोटा नुकसान भी बड़ा बन जाता है" — अमन कुमार
उड़ान यूथ क्लब के अध्यक्ष और क्लाइमेट कार्डिनल्स यूवाईसी इंडिया चैप्टर के कोऑर्डिनेटर अमन कुमार ने इस वैश्विक सफलता पर युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा पर्यावरण को सबसे गंभीर नुकसान उन मानवीय आदतों से होता है जिन्हें लोग बहुत सामान्य या छोटी समझकर छोड़ देते हैं। हमें यह समझना होगा कि जब वही एक छोटी सी गलती दुनिया के करोड़ों लोग हर दिन दोहराते हैं, तो उसका संचयी (Cumulative) असर पूरी पृथ्वी पर महाविपदा के रूप में दिखाई देता है।"
उन्होंने आगे कहा कि 'माय भारत' जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म आज ग्रामीण और छोटे शहरों के प्रतिभावान युवाओं को सीधे वैश्विक मंचों और सामाजिक बदलाव की क्रांतियों से जोड़ने का एक अद्भुत अवसर प्रदान कर रहे हैं।
इन युवा संगठनों और इकाइयों का रहा सामूहिक सहयोग
बागपत से उठी इस गूंज को दुनिया भर में फैलाने के लिए कई प्रतिष्ठित संगठनों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। इस अभियान में स्कूल-कॉलेजों के छात्रों, शिक्षकों, पर्यावरणविदों सहित एनएसएस (NSS), एनसीसी (NCC) इकाइयों और स्थानीय इको क्लबों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
वैश्विक स्तर पर इस मुहिम को सफल बनाने में क्लाइमेट कार्डिनल्स, 'क्लाइमेट पर चर्चा', कॉन्टेस्ट 360 और 'यूथ क्लाइमेट इम्पैक्ट कम्युनिटी' (उत्तर प्रदेश) जैसे विभिन्न युवा संगठनों का सराहनीय और तकनीकी सहयोग रहा

