एसकेडी एकेडमी में बैसाखी की धूम: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से महक उठा विद्यालय परिसर
सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हुए विद्यार्थी
इस भव्य आयोजन का मुख्य ध्येय नई पीढ़ी को बैसाखी के ऐतिहासिक और कृषि आधारित महत्व से परिचित कराना था। फसल कटाई के इस उत्सव के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं।
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रंगारंग कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रभावशाली भाषण दिए और लघु नाटिकाओं के माध्यम से पर्व की महत्ता समझाई।
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लोक नृत्य का जादू: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भांगड़ा और गिद्धा की शानदार प्रस्तुतियां रहीं, जिनकी थाप पर पूरा विद्यालय झूम उठा।
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शिक्षाप्रद संदेश: शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि बैसाखी केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि परिश्रम के फल और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है।
निदेशक मनीष सिंह ने दीं शुभकामनाएं
एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक मनीष सिंह ने इस खुशी के मौके पर छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्टाफ को बधाई देते हुए अपना संदेश साझा किया।बैसाखी का पावन पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और कठिन परिश्रम के बाद मिलने वाली सफलता का जश्न मनाने की प्रेरणा देता है। एसकेडी एकेडमी में हमारा लक्ष्य किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से भी समृद्ध करना है। मेरी कामना है कि यह नया साल सभी के लिए खुशहाली और नई ऊर्जा लेकर आए।"
सर्वांगीण विकास पर जोर
कार्यक्रम का समापन अत्यंत सुखद रहा, जहाँ विद्यार्थियों ने न केवल आनंद लिया बल्कि भारतीय परंपराओं के प्रति अपनी समझ को भी गहरा किया। एसकेडी एकेडमी द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे आयोजन छात्रों के मानसिक और सांस्कृतिक विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
