बाल निकुंज विज्ञान प्रदर्शनी: 'रेन डिटेक्टिंग सिस्टम' के लिए शिवम और शिखर को मिला प्रथम पुरस्कार, डॉ. दिनेश कुमार ने बाल वैज्ञानिकों को सराहा
"वैज्ञानिक नवाचारों से विकसित होगा भारत": डॉ. दिनेश कुमार
प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार जायसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित सभी 44 मॉडलों का बारीकी से निरीक्षण किया और लगभग 130 बाल वैज्ञानिकों से उनके आविष्कारों के पीछे के तर्क और कार्यप्रणाली को समझा।
अपने संबोधन में डॉ. दिनेश कुमार ने कहा:आज के ये छोटे-छोटे वैज्ञानिक नवाचार ही आने वाले समय में हमारे हिन्दुस्तान को एक 'विकसित राष्ट्र' की श्रेणी में खड़ा करेंगे। बच्चों का वैज्ञानिक चिंतन और उनके प्रयास भविष्य की बड़ी खोजों का आधार हैं।"

विजेताओं की घोषणा और पुरस्कार वितरण
मुख्य अतिथि ने शीर्ष पांच मॉडलों का चयन किया और विजेता छात्रों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
प्रतियोगिता के परिणाम:
| स्थान | विजेता टीम/शाखा | मॉडल का नाम | पुरस्कार राशि |
| प्रथम | बाल निकुंज गर्ल्स एकेडमी (शिवम दीक्षित, शिवम सिंह, शेखर वर्मा) | रेन डिटेक्टिंग सिस्टम | ₹1001 |
| द्वितीय | बाल निकुंज इंग्लिश स्कूल, अलीगंज | सोलर बोट | ₹901 |
| तृतीय | बाल निकुंज गर्ल्स एकेडमी (शिवांगी, जेबा, अनामिका) | क्रॉप प्रोटेक्शन फ्रॉम एनिमल्स | ₹801 |
| चतुर्थ | पलटन शाखा | कमर्शियल बैंक सिस्टम | ₹701 |
| पंचम | बाल निकुंज इंटर कॉलेज (बॉयज विंग) | वेस्ट AC एयर टू इलेक्ट्रिसिटी | ₹601 |
नवाचारों ने बटोरीं सुर्खियाँ
विजेता मॉडल "रेन डिटेक्टिंग सिस्टम" को बारिश के पूर्वानुमान और बचाव के लिए बेहद उपयोगी माना गया। वहीं, पशुओं से फसल बचाने के लिए "क्रॉप प्रोटेक्शन" और वेस्ट एयर से बिजली बनाने के मॉडल की भी विशेषज्ञों ने काफी सराहना की।

गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंध निदेशक एच.एन. जायसवाल, कोऑर्डिनेटर सुधीर मिश्रा, प्रधानाचार्या डॉ. अनूप कुमारी शुक्ला सहित सभी शाखाओं के सीनियर इंचार्ज, विज्ञान प्रवक्ता और शिक्षक उपस्थित रहे। आयोजन का समापन भविष्य में ऐसे और भी शोधपरक कार्यक्रमों के आयोजन के संकल्प के साथ हुआ।

