Ballia News: श्री जंगली बाबा धाम में हरिहरात्मक महायज्ञ की तैयारियां तेज; निर्वाण शताब्दी वर्ष पर आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की रूपरेखा तैयार
उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल 'श्री जंगली बाबा धाम, गड़वार' में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण और वृहद बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक पूज्य संत शिरोमणि श्री जंगली बाबा के आगामी निर्वाण शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले 'हरिहरात्मक महायज्ञ' की पूर्व तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी।
बैठक में उपस्थित प्रबुद्धजनों, सेवादारों और श्रद्धालुओं ने आगामी 28 अक्टूबर से 7 नवम्बर 2026 तक चलने वाले इस महायज्ञ को अत्यंत भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न व्यवस्थागत बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
यज्ञ सनातन परंपरा और सुख-समृद्धि का आधार: रामभद्र बालक बाबा
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं और आयोजन समिति को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हुए रामभद्र बालक बाबा ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:यज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का मूल स्तंभ है। जब हम पूरी श्रद्धा, गहरी आस्था और सच्चे मन से यज्ञ में अपनी आहुति देते हैं या सहभागी बनते हैं, तो उससे न केवल पर्यावरण शुद्ध होता है, बल्कि मानव जीवन में वास्तविक सुख, अटूट शांति और समृद्धि का संचार होता है।"
श्रद्धालुओं को यजमान बनाने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने पर मंथन
बैठक के दौरान श्री जंगली बाबा धाम सेवा ट्रस्ट के प्रबंधक आचार्य पं. राहुल उपाध्याय ने यज्ञ के सफल और अनुशासित संचालन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने आयोजन को भव्य बनाने के लिए अधिक से अधिक क्षेत्रीय व बाहरी श्रद्धालुओं को यज्ञ का यजमान बनाने की रूपरेखा साझा की।
ट्रस्ट की ओर से भोजन, आवास, पेयजल, सुरक्षा और कथा पंडाल जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न कमेटियों के गठन पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही, उपस्थित सभी लोगों से तन-मन-धन से इस महायज्ञ में बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराने की भावपूर्ण अपील की गई।
बैठक में सैकड़ों श्रद्धालुओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक और धार्मिक बैठक को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और बाबा के अनन्य भक्त मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से:
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अतुल कृष्ण शांडिल्य, सौरभ कुमार, झूलन भैया
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मदन लाल, रोहित श्रीवास्तव, संजय सिंह
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स्वाधीन गुप्ता, जयप्रकाश वर्मा, श्रीनाथ उपाध्याय
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इंद्रजीत चौबे, ज्ञान प्रकाश पाण्डेय, अश्विनी पाण्डेय
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सुधांशु उपाध्याय, लल्लन गुप्ता, आनंद सिंह और मन्नु गुप्ता
सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु जन और मातृशक्ति उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में इस शताब्दी वर्ष के महायज्ञ को बलिया के इतिहास का सबसे दिव्य धार्मिक उत्सव बनाने का संकल्प लिया।
