बलरामपुर: एमएलके पीजी कॉलेज में विदाई समारोह 'यादें-2026' का भव्य आयोजन, रजीउल्लाह और प्रिंसी चुने गए मिस्टर व मिस फेयरवेल
मुख्य अतिथि ने दी 'स्मार्ट क्लास' की सौगात
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, महाविद्यालय प्रबंधतंत्र के सचिव सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव कुमार वार्ष्णेय ने छात्रों के उत्साह की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन द्वारा रखी गई 'स्मार्ट क्लास' की मांग को सहर्ष स्वीकृति प्रदान की, जिससे विभाग के शैक्षणिक स्तर में और सुधार होगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. जे.पी. पांडेय और मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत रोली-चंदन का टीका लगाकर और पुष्प वर्षा के साथ किया गया।
-
सांस्कृतिक कार्यक्रम: सौम्या सिंह, बसंती और अदिति ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद इपशिता के सफल संचालन में छात्र-छात्राओं ने गीत, कविता और नृत्य के माध्यम से समां बांध दिया। आदित्य त्रिपाठी, दीपांजलि, रिचा और मो. फैज की प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
-
खिताब: इस वर्ष मिस्टर फेयरवेल का खिताब रजीउल्लाह को और मिस फेयरवेल का खिताब प्रिंसी को प्रदान किया गया।
मेधा की परंपरा: विभागाध्यक्ष का संबोधन
विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि वनस्पति विज्ञान विभाग के छात्र न केवल विश्वविद्यालय स्तर पर स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीत रहे हैं, बल्कि CSIR NET JRF जैसी कठिन परीक्षाओं में भी परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने विदाई ले रहे छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

वरिष्ठ शिक्षाविदों का मार्गदर्शन
प्राचार्य प्रो. जे.पी. पांडेय ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में छात्रों को 'अनुशासन और समर्पण' का मंत्र दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि प्रो. पी.के. पांडेय (निदेशक शोध) ने छात्रों को जीवन में प्रगति करने के महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए। कार्यक्रम में प्रो. देवेश रंजन और डॉ. सुरेंद्र कुमार ने भी छात्रों को आशीर्वाद दिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह को सफल बनाने में डॉ. मो. अकमल, डॉ. श्रवण कुमार और डॉ. वीर प्रताप सिंह का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शिव महेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। यह आयोजन छात्रों के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बनकर संपन्न हुआ।




