बलरामपुर के बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया मान, ‘आई कैन अर्थशॉट चैलेंज’ के टॉप-15 फाइनलिस्ट में बनाई जगह

Children from Balrampur bring laurels at the national level, securing a spot among the top 15 finalists in the ‘I Can Earthshot Challenge’
 
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बलरामपुर। जनपद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय घोसियार के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता से राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। विद्यालय के बच्चों ने ‘आई कैन अर्थशॉट चैलेंज’ के शीर्ष 15 फाइनलिस्ट में जगह बनाई है। अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन के ‘डिजाइन फॉर चेंज’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने एक अनुपयोगी कुएं को फिर से उपयोगी बनाने की पहल कर पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

शिक्षकों के मार्गदर्शन में साकार हुआ नवाचार

इस उपलब्धि के पीछे विद्यार्थियों की मेहनत के साथ उनके मार्गदर्शकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन की वरिष्ठ प्रशिक्षिका मधुरसिनी सिंह और पूर्व माध्यमिक विद्यालय घोसियार की सहायक अध्यापिका श्रुति श्रीवास्तव ने बच्चों को परियोजना तैयार करने में मार्गदर्शन दिया।

उनके सहयोग से विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना को व्यावहारिक मॉडल में बदलने, सामूहिक रूप से काम करने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अनुभव हासिल किया। इस अभियान में गांव के नागरिकों और विद्यालय परिवार ने भी सहयोग किया।

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कचरे से भरे कुएं को बनाया उपयोगी

बच्चों ने अपने गांव में लंबे समय से अनुपयोगी पड़े और कचरे से भरे एक पुराने कुएं की समस्या को पहचाना। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों की मदद से कुएं की सफाई करने और उसे दोबारा उपयोगी बनाने का प्रयास शुरू किया। सफाई के दौरान कुएं में मौजूद कछुओं को सुरक्षित तरीके से पास की नदी में पहुंचाया गया।

इसके बाद कुएं की सुरक्षा और उपयोगिता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों ने बांस और प्लाईवुड की मदद से कम लागत वाला स्वचालित ढक्कन तैयार किया। इस नवाचार का प्रमुख उद्देश्य वर्षा के पानी को संचित करना है, ताकि भविष्य में इसका उपयोग खेतों की सिंचाई जैसे कार्यों में किया जा सके।

बच्चों की यह पहल दिखाती है कि स्थानीय समस्याओं को समझकर सामुदायिक सहयोग और रचनात्मक सोच के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल समाधान तलाशे जा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के तीन विद्यालयों को मिली जगह

‘आई कैन अर्थशॉट चैलेंज’ का उद्देश्य युवाओं को पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान खोजने और अपने विचारों को धरातल पर उतारने के लिए प्रोत्साहित करना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस बार उत्तर प्रदेश के तीन विद्यालयों ने शीर्ष फाइनलिस्ट सूची में जगह बनाई है।

इनमें बलरामपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय घोसियार के अलावा मेरठ के ब्रेनज़ एडु वर्ल्ड को कृषि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रयासों और वाराणसी के सनबीम सनसिटी स्कूल को गंगा स्वच्छता अभियान के लिए चुना गया है।

प्रतियोगिता के अंतिम विजेताओं की घोषणा मुंबई में आयोजित होने वाले समारोह में की जाएगी। चयनित विजेता टीमों को अपनी पर्यावरण-अनुकूल योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 2,000 अमेरिकी डॉलर की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी दी गई है।

ग्रामीण प्रतिभा ने पेश की मिसाल

पूर्व माध्यमिक विद्यालय घोसियार के विद्यार्थियों की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभा और नवाचार की क्षमता को सामने लाती है। बच्चों ने न केवल गांव की एक पुरानी समस्या का समाधान खोजने का प्रयास किया, बल्कि जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का महत्व भी रेखांकित किया।

यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी अपने आसपास की समस्याओं को पहचानने, नए विचार विकसित करने और समाज व पर्यावरण के हित में काम करने के लिए प्रेरित कर सकती है।

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