'बलरामपुर महोत्सव-2026': दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, छात्र-छात्राओं की प्रतिभा ने बिखेरा जादू
सरस्वती वंदना से आध्यात्मिक शुरुआत
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण सरस्वती वंदना से हुआ। वीणावादिनी की इस आराधना ने न केवल वातावरण को पवित्र किया, बल्कि उपस्थित जनसमूह को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद शुरू हुआ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का वह सिलसिला, जिसने दर्शकों को अपनी सीटों पर बंधे रहने पर मजबूर कर दिया।
प्रतिभाओं का संगम: लोकनृत्य और सुरीली तान
बलरामपुर की उभरती प्रतिभाओं ने मंच पर अपनी रचनात्मकता और अनुशासन का लोहा मनवाया। महोत्सव में निम्नलिखित प्रमुख संस्थानों के विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया:
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बलरामपुर मॉडर्न स्कूल और ईश्वश्याम इंटर कॉलेज के छात्रों ने समूह नृत्य से समां बांधा।
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एमडीके इंटर कॉलेज, नवोदय विद्यालय और एमएलके पीजी कॉलेज के कलाकारों ने लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं।
इन कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति की विविधता और स्थानीय लोक विधाओं की सुंदर झलक देखने को मिली, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
स्थानीय प्रतिभाओं को मिला उचित मंच
महोत्सव के प्रातःकालीन सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि स्थानीय युवाओं को एक बड़ा प्लेटफार्म प्रदान करना रही। इस आयोजन से न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि अपनी जड़ों और संस्कृति के प्रति उनका जुड़ाव भी गहरा हुआ। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने माना कि ऐसे मंच बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य हैं।
DM और CDO ने बढ़ाया कलाकारों का उत्साह
कार्यक्रम के अंत में उत्साहवर्धन हेतु जिलाधिकारी (DM) श्री विपिन कुमार जैन और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री हिमांशु गुप्ता ने मनमोहक प्रस्तुति देने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने बच्चों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बलरामपुर की धरती प्रतिभाओं से धनी है और प्रशासन उन्हें निखारने के लिए प्रतिबद्ध है।



