बलरामपुर: भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर बोले पूर्व सांसद दद्दन मिश्र न्याय और जन-जागरण के लिए हो शक्ति का प्रयोग

Balrampur: Speaking on the birth anniversary of Lord Parashurama, former MP Daddan Mishra stated—"Power should be utilized for justice and public awakening."
 
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बलरामपुर | 20 अप्रैल 2026:स्थानीय धुसाह स्थित समय माता मंदिर परिसर में अखिल भारतीय ब्राह्मण जन कल्याण समितिद्वारा भगवान परशुराम का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व सांसद दद्दन मिश्रने दीप प्रज्वलित कर और भगवान परशुराम व आचार्य चाणक्य के चित्रों पर माल्यार्पण कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया।

वीरता और न्याय के प्रतीक हैं भगवान परशुराम

 

समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने कहा कि भगवान परशुराम केवल हमारे आराध्य ही नहीं, बल्कि हमारे महान आदर्श भी हैं। वे वीरता, तप, त्याग और तेज के अद्भुत संगम थे। उन्होंने समाज को प्रेरित करते हुए कहा:भगवान परशुराम ने हमेशा धर्म की रक्षा और न्याय की स्थापना के लिए शस्त्र उठाए। हमें उनसे प्रेरणा लेकर अपनी शक्ति का प्रयोग केवल न्याय और जन-जागरण के उद्देश्यों के लिए करना चाहिए।"उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की लत (व्यसन) पर गहरी चिंता व्यक्त की और समाज के प्रबुद्ध जनों से अपील की कि वे आने वाली पीढ़ी को इस बुराई से बचाने के लिए जागरूक रहें।

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एकजुटता और विकसित भारत का संकल्प

 

तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने भगवान परशुराम के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला और ब्राह्मण समाज को एकजुट रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की सलाह दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सांसद चंद्रभाल मणि तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम ने हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जो हर युग के लिए प्रासंगिक है।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर मुख्य रूप से:

  • समिति पदाधिकारी: जिलाध्यक्ष राम नरेश त्रिपाठी और प्रदेश उपाध्यक्ष सौरभ त्रिपाठी।

  • गणमान्य अतिथि: सेतु बंधु त्रिपाठी, संजय मिश्र, विनय मोहन त्रिपाठी, इंद्र प्रकाश त्रिपाठी, रास बिहारी शुक्ला, डॉ. पम्मी पांडेय, संजय शर्मा, संजय शुक्ला, अरुण पांडेय, कमलेश त्रिपाठी और प्रवेश दूबे।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. तुलसीश दुबे ने किया। अंत में समिति के पदाधिकारियों ने उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें भारी संख्या में विप्र समाज के लोग शामिल हुए।

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