बलरामपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर सेल ने बरामद किए ₹35 लाख के मोबाइल, 144 लोगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
बलरामपुर।
आज के डिजिटल युग में मोबाइल सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। जब यह खो जाता है, तो व्यक्ति अपनी यादों और डेटा को लेकर निराश हो जाता है। लेकिन बलरामपुर पुलिस ने अपनी सक्रियता से इस निराशा को खुशी में बदल दिया है। पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में साइबर सेल और CEIR टीम ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 144 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
35 लाख रुपये के हैंडसेट बरामद
तकनीकी सर्विलांस और गहन जांच के बाद बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल बाजार कीमत लगभग 30 से 35 लाख रुपये आंकी गई है। ये मोबाइल जिले के विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों के आधार पर ट्रैक किए गए थे, जो देश के अलग-अलग कोनों में इस्तेमाल हो रहे थे।
स्वामियों को सौंपे गए फोन, छलकी खुशी
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक विशेष वितरण कार्यक्रम के दौरान इन हैंडसेट्स को उनके वास्तविक स्वामियों के हवाले किया गया। अपना फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
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जनता का फीडबैक: फोन लेने आए कई नागरिकों ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने फोन मिलने की उम्मीद पूरी तरह छोड़ दी थी, लेकिन पुलिस की इस तत्परता ने खाकी के प्रति उनका विश्वास और मजबूत कर दिया है।
टेक्नोलॉजी का बेहतरीन इस्तेमाल
पुलिस अधीक्षक ने इस सफलता का श्रेय भारत सरकार के 'संचार साथी पोर्टल' और CEIR (Central Equipment Identity Register) तकनीक के सटीक समन्वय को दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और टीम की कड़ी मेहनत के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद करना संभव हो पाया है।
साइबर टीम का सम्मान और नकद पुरस्कार
इस शानदार कार्य को अंजाम देने वाली साइबर सेल और CEIR टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसपी ने पूरी टीम को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने टीम को निर्देशित किया कि भविष्य में भी पारदर्शिता और लगन के साथ जनता की सेवा करते रहें।
एसपी की अपील
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि:
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मोबाइल गुम होने पर तत्काल नजदीकी थाने या साइबर सेल में सूचना दें।
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ऑनलाइन CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें ताकि फोन को ब्लॉक और ट्रैक किया जा सके।


