बलरामपुर: पीएमश्री विद्यालय में गूंजा 'एक पेड़ मां के नाम' का संकल्प; बच्चों ने ली पौधों को भाई-बहन की तरह पालने की जिम्मेदारी
बलरामपुर, 12 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन की दिशा में एक बेहद अनूठी और भावनात्मक पहल सामने आई है। क्षेत्र के पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय देवरिया मुबारकपुर के प्रांगण में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक व्यापक और भव्य पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरुण यादव के कुशल व ओजस्वी नेतृत्व में संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने उस समय एक जिम्मेदार आंदोलन का रूप ले लिया, जब छात्रों को केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि प्रत्येक बच्चे को उसके द्वारा रोपे गए पौधे की मुकम्मल परवरिश और सुरक्षा की सीधी जवाबदेही सौंपी गई।
पेड़ केवल ऑक्सीजन के कारखाने नहीं, धरती का सुरक्षा कवच हैं: अरुण यादव
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता और विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरुण यादव ने उपस्थित जनसमूह, शिक्षक गण और छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने वृक्षों के सामाजिक, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा:पेड़ केवल हवा से ऑक्सीजन पैदा करने वाले कारखाने नहीं हैं, बल्कि ये हमारी धरती के असली सुरक्षा कवच हैं, जिनके बिना मानव जीवन और सुंदर प्रकृति की कल्पना करना भी पूरी तरह असंभव है।

आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) और पर्यावरणीय असंतुलन के गंभीर खतरों से जूझ रही है। ऐसे में अपनी मां के सम्मान और स्मृति में लगाया गया एक-एक पौधा जब कल को विशाल वृक्ष बनेगा, तो वह हमारी आने वाली पीढ़ियों को जीवनदान देने का काम करेगा।"प्रधानाध्यापक के इस प्रेरणादायी और भावुक उद्बोधन ने बच्चों के भीतर पर्यावरण के प्रति एक नई चेतना, संवेदनशीलता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दिया।
पौधों को भाई-बहन की तरह पालने का अनूठा संकल्प
इस पूरे आयोजन की सबसे खूबसूरत और खास बात यह रही कि स्कूली बच्चों ने इस अभियान को सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि एक पारिवारिक जिम्मेदारी के रूप में आत्मसात किया। विद्यालय के मासूम छात्रों ने अत्यंत उत्साह के साथ अपनी-अपनी मां के नाम पर परिसर में पौधे रोपे।

इसके साथ ही, बच्चों ने पूरी निष्ठा से यह संकल्प लिया कि वे इन पौधों को महज एक पेड़ नहीं समझेंगे, बल्कि अपने सगे भाई-बहन की तरह इनकी नियमित देखभाल करेंगे, समय पर पानी देंगे और इन्हें बड़ा करने की पूरी जिम्मेदारी उठाएंगे। विद्यालय प्रशासन की इस अनूठी पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है, क्योंकि यह बच्चों को किताबी दुनिया से बाहर निकालकर व्यावहारिक रूप से एक संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बना रही है।
कार्यक्रम के समापन के समय पूरा विद्यालय परिसर "एक पेड़ मां के नाम" के गगनभेदी नारों और पर्यावरण बचाओ के संकल्पों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक और पुनीत अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
