बलरामपुर: महाराणा प्रताप वनवासी छात्रावास के छात्रों को मिला कंप्यूटर का उपहार, डॉ. किरन गुप्ता ने बढ़ाया मदद का हाथ
भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का हुआ नागरिक अभिनंदन
इस गरिमामयी सहयोग को लेकर 15 मई को छात्रावास परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. किरन गुप्ता का संचालन समिति के पदाधिकारियों द्वारा बुके (गुलदस्ता) और अंगवस्त्र प्रदान कर भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से शामिल रहे:
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डॉ. राजीव रंजन (अध्यक्ष, संचालन समिति एवं विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान, एमएलके पीजी कॉलेज)
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इंदू भूषण जायसवाल (महामंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता)
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बाबू मंगल प्रसाद (कोषाध्यक्ष)
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अखिलेश्वर तिवारी (प्रचार प्रमुख)
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वेद प्रकाश मिश्रा (सहायक प्रचार प्रमुख)
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डॉ. वीपी सिंह, डॉ. शिव महेंद्र सिंह, एवं डॉ. श्रावण कुमार (सहायक आचार्य, एमएलके पीजी कॉलेज)
वक्ताओं ने थपथपाई संचालन समिति की पीठ
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रबुद्ध वक्ताओं ने वनवासी कल्याण आश्रम की गतिविधियों और शिक्षा के स्तर की खुलकर सराहना की:
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समिति की रूपरेखा: अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने छात्रावास की बुनियादी व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए डॉ. गुप्ता का धन्यवाद किया। वहीं, महामंत्री इंदू भूषण जायसवाल ने समिति के क्रियाकलापों और सेवा गतिविधियों से सभी को विस्तार से अवगत कराया।
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उज्ज्वल भविष्य की कामना: आमंत्रित अतिथि डॉ. वीपी सिंह ने छात्रावास की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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बेहतर प्रबंधन की सराहना: डॉ. शिव महेंद्र सिंह ने सीमित संसाधनों में बेहतरीन प्रबंधन के लिए अध्यक्ष व उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
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तराई क्षेत्र में शिक्षा की अलख: डॉ. श्रवण कुमार ने कहा कि सुदूर तराई के जंगलों में निवास करने वाले समाज के अंतिम पायदान के छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा और बेहतर सुविधाएं प्रदान करना संचालन समिति का एक अद्भुत कार्य है।
संस्कारवान छात्र और इतनी बेहतर व्यवस्था पहली बार देखी" — डॉ. किरन गुप्ता
कंप्यूटर सेट भेंट करने के बाद उपस्थित छात्रों और समिति को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. किरन गुप्ता काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:मैने अपने जीवन में कई हॉस्टल देखे हैं, लेकिन महाराणा प्रताप वनवासी छात्रावास जैसी अनुशासित व्यवस्था और यहां के बच्चों जैसे उच्च संस्कार पहली बार देखने को मिले हैं।

तराई क्षेत्र के अति पिछड़े परिवारों से आने वाले इन प्रतिभावान बच्चों की सहायता करके मुझे आत्मिक खुशी मिली है। भविष्य में भी मैं इस छात्रावास के लिए हर संभव सहयोग करता रहूँगा।" उन्होंने इस पुनीत कार्य और सेवा यात्रा से जोड़ने के लिए संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल समापन के अवसर पर विद्यालय के वार्डन रविंद्र कुमार सहित भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।



