बलरामपुर: थारू जनजाति छात्रावास में अब गूँजेगी 'सफलता' की गूँज, डीएम डॉ. विपिन जैन ने किया नई लाइब्रेरी का शुभारंभ

Balrampur: Now the echo of 'success' will echo in the Tharu tribe hostel, DM Dr. Vipin Jain inaugurated the new library.
 
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बलरामपुर | 7 अप्रैल, 2026: जनपद के थारू जनजातीय छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने नगर पालिका बलरामपुर स्थित थारू जनजाति छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि छात्रों के लिए एक अत्याधुनिक लाइब्रेरी का भी तोहफा दिया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 'डिजिटल' पंख

निरीक्षण के मुख्य आकर्षण के रूप में जिलाधिकारी और इंडियन बैंक के जोनल मैनेजर राजेश भदौरिया ने संयुक्त रूप से नई लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। इंडियन बैंक (लीड बैंक) के सहयोग से स्थापित यह लाइब्रेरी थारू समाज के उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी जो प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UPSC, UPPSC, SSC) की तैयारी कर रहे हैं।

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लाइब्रेरी में अध्ययन के लिए समुचित और प्रेरक वातावरण सुनिश्चित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा जनजातीय छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा ही सबसे सशक्त माध्यम है। हमारा लक्ष्य है कि इन छात्रों को वे सभी सुविधाएं मिलें जो किसी बड़े शहर के कोचिंग संस्थान में मिलती हैं।"

क्षमता में विस्तार: 48 से बढ़कर 100 होगी छात्र संख्या

निरीक्षण के दौरान डॉ. विपिन जैन ने सिडको (SIDCUL) द्वारा निर्माणाधीन नए भवन का भी सूक्ष्मता से निरीक्षण किया।

  • बड़े बदलाव की तैयारी: नए भवन के तैयार होते ही छात्रावास की क्षमता वर्तमान 48 से बढ़कर 100 हो जाएगी।

  • सख्त निर्देश: जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि अगले सत्र तक अधिक से अधिक छात्र इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

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छात्रों से सीधा संवाद: "लक्ष्य के प्रति रहें समर्पित"

डीएम ने छात्रावास के कमरों और मेस का निरीक्षण करने के बाद छात्रों के साथ जमीन पर बैठकर संवाद किया। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई की रणनीति, किताबों की उपलब्धता और खान-पान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन और नियमित अध्ययन ही सफलता की एकमात्र कुंजी है।

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अधिकारियों को जिम्मेदारी

जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद समाज कल्याण अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास में संसाधनों की कमी न होने पाए। उन्होंने शैक्षणिक माहौल को और अधिक सुदृढ़ करने और छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित करने के भी सुझाव दिए।

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