बलरामपुर पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में ठोस पहल
बलरामपुर। जनपद बलरामपुर को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रशासन ने ठोस पहल शुरू की है। इसी क्रम में जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद के पर्यटन स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थलों को सम्मिलित करते हुए वार्षिक पर्यटन कैलेंडर प्रकाशित कराया जाए। साथ ही जनपद की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से डॉक्यूमेंट्री फिल्म एवं कॉफी टेबल बुक का निर्माण कराया जाए।
पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की ऐतिहासिक, पौराणिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को समाहित करते हुए एक विशिष्ट पर्यटन लोगो तैयार किया जाए। इसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए गए, जिससे विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ उनका जनपद से भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होगा।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद के महत्वपूर्ण पौराणिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास हेतु समग्र कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही उत्तर प्रदेश संस्कृति उत्सव–2026 के सफल आयोजन को लेकर नोडल अधिकारी नामांकन एवं आयोजन की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
पर्यटन को ग्रामीण स्तर तक बढ़ावा देने के उद्देश्य से ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट (होम-स्टे) नीति के अंतर्गत अधिकाधिक प्रचार-प्रसार, लोक-कला, लोक-संस्कृति एवं पारंपरिक व्यंजनों के संरक्षण और प्रोत्साहन के निर्देश दिए गए। इसके अलावा युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए युवा पर्यटन क्लब के माध्यम से शैक्षिक पर्यटन भ्रमण आयोजित कराने पर भी बल दिया गया।प्रशासन का मानना है कि इन पहलों से बलरामपुर न केवल पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी बल मिलेगा।
